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06/05/2020

फूलों की खेती पर बारिश का ग्रहण-किसान बेहाल


कानपुर। गंगा नदी के किनारे सैकड़ों बीघा जमीन में की जा रही फूलों की खेती पर आँधी व बारिश की मार इस प्रकार पड़ी है जिसके चलते फूल उत्पादक किसानों को भारी क्षति हुई है। गंगा नदी के किनारे स्थित ग्राम जाना के अलावा शेखपुर, मोतीपुरवा, किशनपुर, पेवंदी आदि गांव की सैकड़ों बीघा जमीन पर किसान बैला, गुलाब, चादंनी, गेंदा आदि के विभिन्न प्रजातियों के फूलों की खेती करते हैं। पिछले कुछ दिनों बारिश  के चलते फूलों की खेती खराब हो गई है और आंधी बारिश के चलते फूलों की कलियां सूख गई हैं। वहीं किसानों ने अपना दर्द बयां करते हुये बताया कि लाकडाउन के चलते व प्रशासन की सख्ती से तमाम किसान वर्ग के लोग घरों मे दुबके रहे है और घरों से निकलने में कतरा रहें हैं शहर मे मंदिर व मस्जिद के बंद होने से व फूलों की दुकानें बंद हो गयी जिससे हमे रोजमर्रा की जरुरते पूरी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और किसानों आर्थिक क्षति भी उठा रहे हैं। ग्राम जाना के किसान शिवपाल निषाद बताते हैं कि हर वर्ष फूलो की फसल से उनकों रोजमर्रा की जरुरते पूरी करने बड़ी मदद मिलती है पर इस वर्ष परेशानियों के चलते हम किसान परेशानी से जूझ रहे हैं।  किसान ने बताया कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा पर किसी भी किसान को  क्षतिपूर्ति के रूप में कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाती है। उन्होंने ने बताया कि हम लाकडाउन व बारिश की मार से पीड़ित है। किसान सरकार का साथ हर परेशानी को उठा कर दे रहा है। किसानो की तरस्ती निगाहें अब सरकार की तरफ देख रही हैं। खेतों में मौजूद किसानो में शिवमंगल निषाद, श्यामसुन्दर निषाद, शिवरतन, शिवबालक, पप्पू,  टिंकू, सूरज कश्यप, शिवबली, रामकुमार, जागन यादव, शंकरबली, लेखराज, राजू यादव, शिवकुमार, महादेव निषाद, बैजनाथ, किशनलाल कोरी, राकेश यादव, रविन्द्र सविता, शिवजनक आदि किसान खेतों पर रहे।

 

 

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