रावतपुर के विनायकपुर में पुलिस और क्राइम ब्रांच की बड़ी छापेमारी; चार्जरनुमा स्टिंग कैमरे और मोबाइल बरामद, मोबाइल खंगालने पर खुले कई सनसनीखेज राज
तथ्य
मुख्य बिंदु:
- बड़ा पर्दाफाश: रावतपुर के रिद्धि होटल में पुलिस और क्राइम ब्रांच का बड़ा छापा, ब्लैकमेलिंग रैकेट ध्वस्त।
- टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग: होटल के कमरों में चार्जर की शक्ल वाले गुप्त कैमरे लगाकर होती थी रिकॉर्डिंग।
- 50 से ज्यादा शिकार: आरोपियों के मोबाइल से 50 से अधिक कपल्स के न्यूड वीडियो मिले, पीड़ितों की तलाश जारी।
- गिरफ्तारी: औरैया और कानपुर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले 2 युवकों और 3 युवतियों को पुलिस ने दबोचा।
- होटल पर कड़ा एक्शन: अनैतिक गतिविधियों के तहत होटल संचालक के खिलाफ भी जांच और विधिक कार्रवाई शुरू।
तथ्य मुख्य बिंदु:
- बड़ा पर्दाफाश: रावतपुर के रिद्धि होटल में पुलिस और क्राइम ब्रांच का बड़ा छापा, ब्लैकमेलिंग रैकेट ध्वस्त।
- टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग: होटल के कमरों में चार्जर की शक्ल वाले गुप्त कैमरे लगाकर होती थी रिकॉर्डिंग।
- 50 से ज्यादा शिकार: आरोपियों के मोबाइल से 50 से अधिक कपल्स के न्यूड वीडियो मिले, पीड़ितों की तलाश जारी।
- गिरफ्तारी: औरैया और कानपुर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले 2 युवकों और 3 युवतियों को पुलिस ने दबोचा।
- होटल पर कड़ा एक्शन: अनैतिक गतिविधियों के तहत होटल संचालक के खिलाफ भी जांच और विधिक कार्रवाई शुरू।
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के रावतपुर इलाके से एक ऐसा चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने होटल इंडस्ट्री और लोगों की निजता (Privacy) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विनायकपुर स्थित 'रिद्धि होटल' में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो होटल के कमरों में गुप्त कैमरे लगाकर ठहरने वाले कपल्स के न्यूड वीडियो रिकॉर्ड करता था। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया और पोर्न साइट्स पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम की उगाही की जाती थी। पुलिस ने मौके से तीन युवतियों और दो युवकों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे चलता था ब्लैकमेलिंग का यह काला धंधा?
मिली जानकारी के अनुसार, विनायकपुर के रिद्धि होटल में यह घिनौना खेल पिछले काफी समय से चल रहा था। गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से होटल के कमरों में लगे बिजली के बोर्ड्स में 'चार्जर के आकार के स्टिंग कैमरे' (Hidden Cameras) फिट कर देते थे। कमरे में आने वाले प्रेमी जोड़ों या कपल्स को इसकी भनक तक नहीं लगती थी कि उनकी निजी और अंतरंग गतिविधियां रिकॉर्ड की जा रही हैं।
वीडियो रिकॉर्ड होने के बाद यह गिरोह पीड़ितों के मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट्स का पता लगाता था। इसके बाद उन्हें वॉट्सऐप या अन्य माध्यमों से वीडियो क्लिप भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू किया जाता था। बदनामी के डर से कई कपल पुलिस के पास जाने के बजाय इन्हें लाखों रुपये चुपचाप दे देते थे।
क्राइम ब्रांच की छापेमारी और चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस को लंबे समय से मुखबिरों के जरिए रिद्धि होटल में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने और ब्लैकमेलिंग के इस नेटवर्क की सूचना मिल रही थी। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एसीपी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में रावतपुर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से होटल में अचानक छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने जब मौके से पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को कब्जे में लेकर उनकी जांच की, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पुलिस को आरोपियों के फोन से 50 से अधिक कपल्स के अश्लील और न्यूड वीडियो मिले हैं। इसके साथ ही कमरों से कई आपत्तिजनक सामग्रियां, चार्जरनुमा हिडन कैमरे और डेटा केबल बरामद किए गए हैं।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने इस रैकेट में शामिल जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं जो पीड़ितों को फंसाने और उगाही करने में मुख्य भूमिका निभाती थीं:
- प्रमोद कुमार गुप्ता (पुत्र राजेश कुमार, निवासी ननरी, थाना बेला, औरैया)
- प्रीति सिंह (निवासी रावतपुर स्टेशन, थाना रावतपुर)
- मीनू सिंह (पत्नी संजय सिंह, निवासी मकड़ी खेड़ा, थाना नवाबगंज)
- किरण (निवासी एनआरआई सिटी, थाना नवाबगंज)
- अंबिका (पुत्र प्रताप सिंह, निवासी कर रही, थाना बर्रा)
अधिकारियों का बयान और आगे की जांच
मामले की जानकारी देते हुए एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि रिद्धि होटल में अनैतिक और अवैध गतिविधियों की सटीक सूचना मिली थी। आरोपी कमरों में चार्जर की शक्ल वाले कैमरे लगाकर वीडियो बनाते थे और ब्लैकमेल कर वसूली करते थे। पुलिस अब बरामद वीडियो के आधार पर पीड़ितों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों से कितनी रकम की ठगी की है। इसके साथ ही होटल संचालक और मैनेजर की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है कि क्या वे भी इस काले धंधे में शामिल थे।


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