काश!इतने सरल हृदयी नहीं होते तो राजीव हमारे बीच जिंदा होते ,भारत की तस्वीर कुछ और होती -किशुनचंद्र शर्मा - NINE ONE TIMES

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22/05/2020

काश!इतने सरल हृदयी नहीं होते तो राजीव हमारे बीच जिंदा होते ,भारत की तस्वीर कुछ और होती -किशुनचंद्र शर्मा




दुद्धी। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर कांग्रेसियों ने उन्हें याद किया और उनके तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। 90 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेसी किशुन चंद्र शर्मा आज भूली बिसरी यादों को ताजा करते हुए कहते है कि सन 1975 की बात है  जब इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थी तब सांसद रामप्यारे पनिका के साथ सफदरजंग रोड़ स्थित उनके आवास पर  एक मीटिंग के दौरान राजीव  गांधी से मुलाकात हुई थी उस समय तकरीबन 31 वर्ष के रहे होंगे। चेहरे पर गजब की चमक थी,मैं उन्हें देखता रह गया। बतौर प्रधानमंत्री इन्होंने लगभग देश की सेवा की और आधुनिक भारत के निर्माता भी बने। ये इतने दूरदर्शी थे कि इनकी बढ़ रही लोकप्रियता को देखकर साजिश के तहत लिट्टे आतंकवादी का नाम दे हत्या करा दिया।आज भी राजीव मेरे जेहन से भूले नही जाते,गजब की चमक ,सरल हृदयी,किसी से भी मुस्कुराकर मिलना और गले लगाना। मद्रास के पेरुबुदूर में आम जन सभा में आमजन से मुलाकात कर ही रहे थे कि एक महिला हाथों में फूलों की माला लिए पास आने की कोशिश कर रही थी और पुलिस के जवान रोक रहे थे कि राजीव की नजर गयी और उन्होंने जवानों को आने देने को कहा और जैसे ही महिला इनकी पैरों को छूने के लिए झुकी की बटन दबा दिया और 1 मिनट में जीते जागते राजीव चीथड़ों में तब्दील हो गए, काश उनकी नजर उस महिला पर नहीं गयी होती काश वे इतने सरल हृदयी नहीं होते।आज देश की तस्वीर कुछ और होती।


 

 



 

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