किडनी रैकेट, कानपुर पुलिस, डॉ. सुरजीत सिंह, प्रिया हॉस्पिटल, क्राइम न्यूज़, Nine One Times - NINE ONE TIMES

निर्भीक आवाज़, निष्पक्ष खबर

Breaking

31/03/2026

किडनी रैकेट, कानपुर पुलिस, डॉ. सुरजीत सिंह, प्रिया हॉस्पिटल, क्राइम न्यूज़, Nine One Times

NINE ONE TIMES

  • कानपुर किडनी रैकेट खुलासा: आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल के डॉक्टर गिरफ्तार, 90 लाख का काला खेल | Nine One Times
Kanpur Police Commissioner briefing on Illegal Kidney Racket Busted Nine One Times


HIGHLIGHTS:

  • पकड़े गए रसूखदार: डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीती आहूजा, डॉ. राजेश कुमार समेत 6 गिरफ्तार।
  • सस्ते में खरीद, करोड़ों में सौदा: डोनर से 8-9 लाख में किडनी ली, मरीज से वसूले 80-90 लाख रुपये।
  • अस्पतालों का जाल: प्रिया हॉस्पिटल, आहूजा और मेडलाफ अस्पताल में क्राइम ब्रांच की छापेमारी।
  • ऐसे खुला राज: दलाल ने डोनर के 50 हजार रुपये मारे, पीड़ित की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर ने की कार्रवाई।
  • बड़ा नेटवर्क: आरोपियों का जाल देश के कई राज्यों में फैला होने की पुष्टि।


[इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट: न्यूज़ डेस्क, नाइन वन टाइम्स]

कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में मानवता को शर्मसार करने वाले एक हाईप्रोफाइल 'अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट' का कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर के नामचीन अस्पतालों—प्रिया हॉस्पिटल, आहूजा हॉस्पिटल और मेडलाफ अस्पताल पर छापेमारी कर इस काले कारोबार की जड़ें हिला दी हैं। इस मामले में पुलिस ने 6 रसूखदार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें शहर के कई नामी डॉक्टर भी शामिल हैं।

90 लाख की वसूली और डोनर से धोखाधड़ी

​ACP कल्याणपुर आशुतोष कुमार के मुताबिक, इस रैकेट का काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपियों ने उत्तराखंड के एक युवक को चंगुल में फंसाकर उसकी किडनी महज 8 से 9 लाख रुपये में खरीदी। इसके बाद एक महिला मरीज को किडनी ट्रांसप्लांट करने के नाम पर उससे 80 से 90 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली गई।

​हैरानी की बात यह है कि डोनर और रिसीवर (मरीज) को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया जाता था ताकि किसी को शक न हो। इस खेल का खुलासा तब हुआ जब दलाल शिवम ने डोनर के हिस्से के महज 50 हजार रुपये डकार लिए। पैसे न मिलने से नाराज पीड़ित ने सीधे पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत कर दी, जिसके बाद पूरी परतें खुलती चली गईं।

फर्जी मेडिकल फाइलें और ऑपरेशन का 'खूनी' खेल

​जांच में सामने आया कि ये डॉक्टर और दलाल पहले डोनर और रिसीवर का मिलान करते थे। इसके बाद रिसीवर की फाइल में किडनी स्टोन या किसी अन्य बीमारी का फर्जी पर्चा तैयार किया जाता था, ताकि ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को कानूनी रूप से 'इलाज' का जामा पहनाया जा सके। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में साक्ष्य पर्याप्त हैं और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (गैंगस्टर एक्ट तक) की जाएगी।

इन अस्पतालों और डॉक्टरों पर गिरी गाज

​सोमवार देर रात क्राइम ब्रांच और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के तीन बड़े केंद्रों पर धावा बोला। जिनके खिलाफ FIR दर्ज हुई है उनमें शामिल हैं:

  • ​डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा और डॉ. प्रीती आहूजा (आहूजा हॉस्पिटल)
  • ​प्रिया हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के संचालक
  • ​मेडलाफ अस्पताल प्रबंधन
  • ​डॉ. राजेश कुमार, शिवम अग्रवाल (दलाल), डॉ. राम प्रकाश और डॉ. नरेंद्र सिंह।

No comments:

Post a Comment

Featured Post

लखनऊ अग्निकांड में साजिश की बू! बेघर महिलाओं का बड़ा आरोप— "हादसा नहीं, साजिश थी यह आग; खाली कराने के लिए जानबूझकर लगाई गई"

NINE ONE TIMES झूठ फैला रहा मीडिया? झोपड़पट्टी की महिलाओं ने 'सिलेंडर ब्लास्ट' की थ्योरी को नकारा; कहा— "आग लगने के बाद फटे सिल...

खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages