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24/05/2020

मुंबई से कानपुर आए 50 से अधिक लोगों से कोरोना का खतरा, प्रशासन अनभिज्ञ


- इलाकाई लोगों को कोरोना से संक्रमित होने का सता रहा भय -

- प्रशासन को जानकारी न देने पर दर्ज हो सकता है मुकदमा -

कानपुर। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर नगर में कोराना संक्रमण की चेन प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद नहीं टूट पा रही है। ऐसे में प्रशासन की पूरी कोशिश है कि बाहर से आ रहे लोगों को चिन्हित किया जाये और किया भी जा रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग बिना प्रशासन को जानकारी दिये बाहर से आकर रह रहे हैं और क्षेत्रीय लोग भयभीत हैं। ऐसा ही मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र में सामने आया है जहां पर राजकीय उन्नयन बस्ती में मुंबई में रोजगार करने वाले 50 से अधिक लोग वापस आकर रह रहे हैं। हालांकि इंस्पेक्टर का कहना है कि जानकारी जुटाई जा रही है और उन्हे क्वारंटाइन भी किया जाएगा। इसके साथ ही जानकारी न देने पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।


कोरोना महामारी के दौरान शहर के थाना कल्याणपुर अंतर्गत राजकीय उन्नयन बस्ती में मुंबई से पचास से भी ज्यादा प्रवासी लोग आकर रह रहे हैं। इसी के साथ ही मुम्बई से बस्ती में आने वालों का सिलसिला अभी थमा भी नहीं है। जिसकी वजह से बस्ती के साथ-साथ क्षेत्रीय नागरिक भी भयभीत है। शासन प्रशासन को भलीभांति मालूम है कि कोरोना महामारी मुंबई में विकराल रूप धारण कर लोगों का जीना मुश्किल किए हैं। इसी मुंबई से राजकीय उन्नयन बस्ती में निवास करने वाले कुछ परिवार वहां रहकर व्यापार व काम करते थे। कोरोना महामारी के दौरान धंधा चौपट होने की वजह से उन्हें मजबूरन वापस बस्ती आना पड़ा। शुरुआत में आने वालों ने घोर लापरवाही बरतते हुए अपने आने की सूचना प्रशासन को ना देकर बस्ती में घूम घूम कर लोगों से मुलाकात करते रहे।

आर्थिक रूप से संपन्न और बस्ती में दबदबा होने के कारण इन लोगों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने में लोग डरते रहे। राजकीय उन्नयन बस्ती की पल-पल की खबर रखने वाली क्षेत्रीय पुलिस को इसकी खबर न हो यह अपने आप में एक खबर है। यदि खबर थी तो इन्हें अपने उच्च अधिकारियों को सूचित करना था। मुंबई से आने वालों का सिलसिला थमते न देख वहीं के कुछ निवासियों ने नाम न बताने की शर्त पर क्षेत्राधिकारी कल्याणपुर को इसकी सूचना दी।

क्षेत्राधिकारी ने तुरंत पुलिस को बाहर से आने वाले वालों को क्वारंटीन करने का आदेश देकर स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी दी। क्षेत्रीय पुलिस ने बाहर से आए लोगों के दरवाजे पर क्वारंटाइन का पर्चा चिपकाकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली। स्वास्थ्य विभाग ने भी दूसरे दिन आकर कुछ लोगों की जांच की जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इन्हीं लोगों की बस्ती मुरादाबाद में भी है जिसे आदर्श कॉलोनी कहते हैं। वहां पर भी लोग मुंबई से लौटे थे, उनकी जांच में कई लोग कोरोना पाजटिव निकले जिसकी सूचना यहां आने पर लोग और भी भयभीत हैं। यदि इनमें से किसी को भी कोरोना पॉजिटिव हुआ तो यह बस्ती ही नहीं आसपास के सभी क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। इन लोगों के द्वारा बनाई गई चेन लोगों को चैन नहीं लेने देगी। इलाकाई लोगों का कहना है कि इस महामारी की वजह से किसी की आंखें बंद हो इसके पहले ही प्रशासन को अपनी आंख खोल लेनी चाहिए। प्रशासन को चाहिए जितने लोग बाहर से आए हैं वह सब क्वारंटाइन हैं या नहीं, उन सभी लोगों की स्वास्थ्य विभाग ने जांच की अथवा नहीं, इसकी जांच करते हुए यदि सभी क्वारंटाइन नहीं है और जांच भी सभी लोगों की नहीं हुई है तो अविलंब सूची बनाकर इनकी स्वास्थ विभाग से जांच कराकर इन्हें क्वारंटाइन कर लोगों को राहत दे।

हो सकती है कार्रवाई

उन्नयन बस्ती में आने वाले प्रवासियों में अगर किसी में भी कोरोना का संक्रमण पाया गया तो प्रशासन बाहर से आने वाले सभी लोगों को क्वारंटाइन के साथ जांच तो करेगा ही साथ ही कार्रवाई भी कर सकता है। बताते चलें कि प्रशासन ने पहले ही साफ कर दिया था कि जो व्यक्ति बाहर से आये तो पहले थाने में आकर जानकारी दे।


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