चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधीन कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्रवासी मजदूरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जिससे उन्हें तकनीकी ज्ञान प्राप्त हो सके और वह आत्मनिर्भर हो सकें। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर डी.आर. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के अधीन (13) कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने संबंधित अपने-अपने जनपदों की जिला स्तरीय कृषि अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जानकारी प्राप्त की है कि लगभग प्रत्येक जनपद में 2000 से लेकर 12000 तक प्रवासी मजदूर एवं शिक्षित बेरोजगार देश के विभिन्न प्रदेशों से कोविड-19 के चलते लगाए गए लॉक डाउन के कारण अपने-अपने जनपदों में वापस आए हैं। इन्हें जनपद में ही रोजगार देकर आए प्राप्त कराने के उद्देश्य से जनपद के कृषि एवं उससे संबंधित विभागों द्वारा लंबी अवधि के कार्यक्रमों के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रक्षेत्रों के विकास हेतु मनरेगा परियोजना के अंतर्गत 4 लाख 17 हजार 906 मानव दिवस सृजित किए गए हैं जबकि एकीकृत फसल प्रणाली परियोजना के अंतर्गत 4 लाख 82 हजार 906 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों में समन्वय स्थापित कर रहे कृषि विज्ञान केंद्र अलीगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षित प्रवासी मजदूरों के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा लघु, मध्यम एवं दीर्घ अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रमों जैसे सब्जियों/ फलों का नर्सरी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, बीज उत्पादन, दाल पैकिंग आदि के प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाए गए हैं। जिससे कि शिक्षित बेरोजगारों को तकनीकी जानकारी देकर उनकी आमदनी बढ़ाने हेतु आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

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