- कानपुर CSA MSME कॉनक्लेव: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का युवाओं को संदेश - नौकरी देने वाले बनें | Nine One Times
[विशेष कवरेज: न्यूज़ डेस्क, नाइन वन टाइम्स]
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के परिसर में आयोजित तीन दिवसीय एमएसएमई (MSME) कॉनक्लेव उस समय ऐतिहासिक बन गया, जब भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसमें शामिल होने पहुंचे। युवाओं और उद्यमियों के बीच पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति ने न केवल उनके नवाचारों (Innovations) की सराहना की, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक नया विजन भी दिया।
शहीद चंद्रशेखर आजाद को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने उनका भव्य स्वागत किया। परिसर में पूर्व राष्ट्रपति के आगमन से छात्रों और स्टार्टअप संचालकों के बीच भारी उत्साह देखने को मिला।
प्रदर्शनी में दिखा 'आत्मनिर्भर भारत' का दम
पूर्व राष्ट्रपति सीधे प्रदर्शनी स्थल पहुंचे, जहां ओडीओपी (ODOP), एग्रीटेक, टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े दर्जनों स्टॉल्स लगाए गए थे। कोविंद ने हर स्टॉल पर रुककर युवाओं से उनके स्टार्टअप आइडियाज और प्रोडक्ट्स के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा, "यहाँ जो काम देखने को मिला, वह बताता है कि हमारे युवाओं में अपार प्रतिभा है। ऐसे कॉनक्लेव हर जिले में होने चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुलें।"
'नौकरी देने वाला बनने का है समय'
युवाओं को संबोधित करते हुए रामनाथ कोविंद ने एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब समय केवल नौकरी ढूंढने का नहीं, बल्कि स्वरोजगार के जरिए 'जॉब प्रोवाइडर' यानी नौकरी देने वाला बनने का है। स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को देश की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव लाते हैं। सरकार की योजनाएं भी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म तैयार कर रही हैं।
छात्रों और उद्यमियों के बीच सीधा संवाद
CSA के कुलपति के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों और अनुभवी उद्यमियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना था। इससे न केवल नए आइडियाज को जन्म मिलेगा, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों को समझने का मौका भी मिलेगा।
यह कॉनक्लेव कानपुर के युवाओं के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म साबित हुआ, जहां पूर्व राष्ट्रपति की मौजूदगी ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है।


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