कानपुर। लॉकडाउन की वजह से दो महीने से बंद पड़े चर्म उद्योग के चलने की राह साफ हो गई है। उद्योग विभाग ने मंगलवार को 101 चर्म निर्यातक इकाइयों को उत्पादन की अनुमति दे दी जबकि इससे पहले 24 इकाइयों को स्वीकृति दी जा चुकी है। कुल मिलाकर अब 125 निर्यात इकाइयां उत्पादन कर सकेंगी। चर्म उत्पादन से जुड़े हजारों कमगारों के चेहरे खिल उठे जबसे लॉकडाउन हुआ है सभी घरों में कैद थे। साथ ही उद्योग का विदेश के करोडों का आर्डर निरस्त हो जाने से करोडों का निर्यात प्रभावित हुआ। वही टेनरी को चलाने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर की टेनरियों का सत्यापन करना शुरू कर दिया है। मानक पर खरी उतरने वाली टेनरियों को इस हफ्ते संचालन की स्वीकृति मिलेगी। चर्म निर्यातक इकाइयों के संचालन की अनुमति तो पहले ही मिल गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से आवेदन पत्रों को स्वीकृत नहीं किया जा रहा था।औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना से इकाई के पदाधिकारियों ने अनुरोध कर पत्र दिया। जिस पर मंत्री ने सहायक आयुक्त उद्योग को तत्काल स्वीकृति दिलाने का आदेश दिया था। जिस पर मंगलवार को ही स्वीकृति पत्र जारी किया गया।
- उत्पादन नियम व शर्तों के साथ
कच्चा माल व केमिकल की आमद न होने से यह उद्योग पहले ही गर्दिशों मेें चल रहा था। लॉकडाउन के बाद बंदरगाहों पर जूते, बेल्ट, पर्स व जैकेट समेत अन्य उत्पाद की खेप फंसने के अलावा कच्चा चमड़ा गोदाम में सडऩे से उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। विदेशी ग्राहकों तक माल न पहुंचने से उद्यमियों के हाथ खाली रहे जबकि सड़ रहे चमड़े को भी वह नहीं निकाल पा रहे हैं। बदहाली की मार झेल रहे चर्म उद्यमियों को राहत देने के लिए उद्योग विभाग ने निर्यात इकाइयां शुरू करने की इजाजत देनी शुरू कर दी है। अब नियम व शर्तों के साथ उनमें फिर से काम शुरू हो सकेगा। शुरुआत में यह छूट जूते, बेल्ट, पर्स व सैडलरी समेत अन्य उत्पाद बनाने वाली चर्म निर्यात इकाइयों को दी गई है। शहर में कुल 800 चर्म निर्यात इकाइयां हैं।
वर्जन-
-सर्वेश्वर शुक्ला, संयुक्त आयुक्त उद्योग
चर्म निर्यात इकाइयों को उत्पादन की अनुमति दी जा रही है। घोषणापत्र जैसे जैसे मिलेंगे वैसे-वैसे यह सिलसिला आगे बढ़ता रहेगा। इसके अलावा टेनरी चलाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर उन्हेंं चलाने की स्वीकृति दी जाएगी।
- सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री
उद्योग चलवाने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाने होंगे, हम उठाएंगे। चर्म निर्यातक इकाइयां अब शुरू हो जाएंगी। जल्द ही अन्य टेनरियां भी शुरू होंगी। उनका सत्यापन शुरू कर दिया गया है।

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