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16/08/2020

चंद्रशेखर आजाद कृषि कुलपति ने चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा पर पुष्प किए अर्पण




  • कुलपति ने कहा कि मैं उन सभी वीर योद्धाओं को नमन करता हूं एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं जिनकी वजह से हम इस दिन को मना रहे है


कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह द्वारा 74 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमर शहीद स्वतंत्रा संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर व पटियाला कांड में शहीद हुए छात्रों के स्मारक पर रीथ व पुष्प अर्पण किए गए तत्पश्चात ज्ञान की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण किए। इसके बाद मुख्य भवन पर कुलपति द्वारा झंडारोहण किया गया। राष्ट्रगान के बाद विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित किया कुलपति ने अपने संबोधन में कृषकों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को 74 वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। कुलपति ने कहा कि मैं उन सभी वीर योद्धाओं को नमन करता हूं एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं जिनकी वजह से हम इस दिन को मना रहे है। कोविड-19 के दौरान हमारे कृषक भाइयों का अतुलनीय योगदान रहा है। कुलपति ने कहा कि स्वाधीन होने के बाद से खाद्यान्नों में 5 गुना, उद्यानिकी फसलों में 9 गुना, मछली क्षेत्र में 12.5 गुना, दुग्ध क्षेत्र में 9 गुना एवं अंडा उत्पादन के क्षेत्र में 39 गुना वृद्धि हासिल हुई है। इस वृद्धि में हमारे विश्वविद्यालय एवं प्रदेश के किसानों का प्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण योगदान रहा है कुलपति ने कहा कि हमारा देश आज खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर ही नहीं अपितु हम इसे विभिन्न देशों को निर्यात भी कर रहे हैं।बासमती चावल निर्यात के क्षेत्र में विश्व में प्रथम स्थान तथा कुल कृषि वस्तुओं के निर्यात में 21% की साझेदारी है। उन्होंने कहा कि मसालों के निर्यात में भी हम अग्रणी हैं कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में 11.8% कृषि अंतर्गत क्षेत्रों के साथ 20% खाद्यान्न उत्पादन कर हमारा प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। तिलहन, दलहन उत्पादन के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य किए गए हैं। कुलपति ने बताया कि नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के अंतर्गत प्रदेश को भारत सरकार द्वारा मिशन मोड में रेनफेड एरिया डेवलपमेंट  परंपरागत कृषि विकास, नमामि गंगे, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादकता को जैविक खेती के रूप में बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय द्वारा शोध, प्रसार एवं अनुभवी साझेदारी को जनमानस, छात्र-छात्राओं, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, प्लानर तक पहुंचाने हेतु कृषि  कायाकल्पिका नामक पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन कृषि मंत्री द्वारा किया जा चुका है। कुलपति ने कहा कि जल संरक्षण तकनीकी के अंतर्गत प्रत्येक गांव की मेड़बंदी, खेतों के आसपास छोटे छोटे तालाब,कुंवा, फसल उत्पाद की आधुनिक तकनीकी एवं सिंचाई तकनीकी को अपनाना होगा। आज हमें प्रत्येक गांव में न्यूट्रीफार्मिंग, न्यूट्री गार्डनिंग के साथ ही जलवायु स्मार्ट गांव की दिशा में अपने अनुसंधान एवं प्रसार कार्यों को अपने मुख्य एजेंडा में लेना आवश्यक है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वन वीक फॉर नेशन कार्यक्रम के अंतर्गत कुलपति के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी किया गया।  विश्वविद्यालय के अपर निदेशक प्रसार डॉ अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि ससमय सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रशासनिक भवनों पर झंडारोहण किया गया तथा प्रत्येक जनपद के दो नवोन्मेषी कृषकों को प्रमाण पत्र, उद्धरण एवं अंग वस्त्र के साथ मास्क एवं सेनीटाइजर प्रदान कर सम्मानित किया गया डॉ सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा कुल 30 प्रगतिशील कृषकों द्वारा अपनी आय 2017 से अब तक दोगुनी करने के लिए सम्मानित किया गया है जिससे जनपदों के कृषकों एवं कृषि वैज्ञानिकों में उत्साह एवं प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास हुआ है। इस अवसर पर  छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉक्टर आरपी सिंह, निदेशक शोध डॉ एच जी प्रकाश, निदेशक प्रसार डॉ धूम सिंह, निदेशक प्रशासन एवं मानिटरिंग डॉ. करम हुसैन, डीन गृह विज्ञान डॉक्टर वेदरतन, डीन कृषि संकाय डॉक्टर धर्मराज सिंह, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ एचपी सिंह सहित समस्त अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित थे।


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