- यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या होटल अपोलो के आलीशान एसी कमरों की चाभी क्षेत्रीय पुलिस के हाथों में है और क्या यही कारण है कि इन कमरों में चल रही काली करतूतों पर थाना हरबंस मोहाल खामोश है।
कानपुर। बीते काफी लंबे समय से शहर में एक के बाद एक विवादों की साथी बनी पुलिस पर एक बार फिर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। यह प्रश्न इस बार शहर में चल रहे कई प्रतिष्ठित होटलों में कमरा उपलब्ध कराने की आड़ में जारी वेश्यावृत्ति के काले कारनामे की वजह से खड़े हो रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या होटल अपोलो के आलीशान एसी कमरों की चाभी क्षेत्रीय पुलिस के हाथों में है और क्या यही कारण है कि इन कमरों में चल रही काली करतूतों पर थाना हरबंस मोहाल खामोश है।
पहले तो हमें लगा कि इस पूरे मामले से हरबंस मोहाल थाना प्रभारी अनभिज्ञ हैं लेकिन हमारी इस गलतफहमी से भी पर्दा तब उठ गया जब ट्विटर के माध्यम से एडीजी जोन कानपुर, आईजी रेंज कानपुर समेत शहर के कप्तान द्वारा हरबंस मोहाल थाना प्रभारी को प्रकरण पर कार्यवाही करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराए जाने की बात कही गई जिसके बावजूद भी थाना प्रभारी द्वारा अब तक कोई कार्यवाही फिलहाल नहीं की गई है। जिसका परिणाम ये है कि आज भी क्षेत्रीय पुलिस के संरक्षण में मां-बाप की मासूम सी परियों को बहला-फुसलाकर शातिर दरिंदे इन आलीशान कमरों में अपना शिकार बना रहे हैं जिसकी तस्वीर आपना घिनौना सच बया कर रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या इस खबर के प्रकाशित होने के बाद संबंधित थाना प्रभारी एक बार फिर से इस पूरे मामले को नजरअंदाज कर देते हैं या फिर कोई कठोर कार्यवाही करते हुए प्रदेश में गिरते हुए कानपुर पुलिस के कद को उठाने की ओर एक कदम आगे करते।

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