- थानाध्यक्ष स्वामित्व वाले किसी कागज को देखना ही नहीं चाह रहे थे वह सिर्फ काम रुकवाने की जिद पर अड़े हुए थे। इससे आहत पीड़ित आशीष मिश्रा एसएसपी कार्यालय गए
कानपुर। रक्षा कर्मी की विधवा केशकली पहले ही अपने परिवार के पैतृक जमीन के लिए भू-माफियाओं से धमकी खा-खा कर गंभीर रूप से हार्ट की पेशेंट हो गई। किंतु अब उन पर उस समय पहाड़ टूट गया है जब उनके बेटे को पैतृक जमीन में साफ-सफाई कराने पर थानाध्यक्ष की लंबी चौड़ी फटकार सुनने को मिली। जिससे आहत पीड़ित एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया। साथ ही संबंधित जमीन के दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
1050/ 1550 रतनपुर कॉलोनी निवासिनी केशकली दिवंगत रक्षा कर्मी मोहिनी शंकर मिश्रा की विधवा है। उनके ससुर शिवहरि मिश्रा के समय से उनकी पैतृक जमीन देश की आजादी से पूर्व की मौजा नौरैया खेड़ा में खाता व गाटा संख्या 1 रकबा 0.590 हेक्टेयर वर्तमान में इंतखाब में भी दर्ज है। जमीन पर कुल देवी का मंदिर, कुआं, पीपल का पेड़ सहित चार कमरे बने थे सीनियर सिटीजन केशकली के मुताबिक पति की बीमारी से मौत के बाद यहां भू माफियाओं ने परिवार को कमजोर देख यहां बने चार कमरे मंदिर और पेड़ इनको गिरवा दिया पेड़ कटवा दिया। जिसमें प्लाट में कब्जे की नीयत से भू-माफिया ने टट्टर डलवा कर दुकानें सजवा दी। इसके साथ वे निरंतर विधवा के घर जाकर जमीन बेच देने का दबाव बनाते रहे। किंतु उनकी फौज फाटा के बावजूद बुजुर्ग विधवा दबी नही। विधवा के अनुसार अब जब उनके पुत्र आशीष मिश्रा उनके नाम पर वर्तमान समय में यह जमीन इंतख़ाब में दर्ज है उन्हें सूचना मिली कि उनकी जमीन पर नशेबाजी व अय्याशी हो रही है। इस सूचना पर वहां पहुंचे तो शराब की बोतलें अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं के ढेर मिले। जिस पर वह साफ सफाई कराने लगे। इस बीच भूमाफियाओं ने थानाध्यक्ष से सांठगांठ कर पड़ताल के लिए चौकी प्रभारी एमआईजी को भिजवाया। आशीष मिश्रा ने अपने स्वामी होने के साक्ष्य प्रस्तुत किए। किंतु थानाध्यक्ष संतुष्ट नहीं दिखे उन्होंने आशीष मिश्रा को बुलाकर सिर्फ वहां का कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए कहा। इस दौरान थानाध्यक्ष स्वामित्व वाले किसी कागज को देखना ही नहीं चाह रहे थे वह सिर्फ काम रुकवाने की जिद पर अड़े हुए थे। इससे आहत पीड़ित आशीष मिश्रा एसएसपी कार्यालय गए। जहां उपस्थित संबंधित अधिकारी को अपनी आपबीती सुनाने के साथ प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। मामले की जांच क्षेत्राधिकारी कल्याणपुर को दी गई आपको बताते चलें पहले ही उच्च अधिकारियों के आदेश है कि थाना, चौकी प्रॉपर्टी के मामलों में ना फंसे किंतु इस मामले में तो पुलिस ने पैतृक जमीन के साफ सफाई में असली वारिस को ही रोकना चाहा। जिससे यह एहसास होता है कि भूमाफिया इस जमीन के प्रति कितने गंभीर हैं जो पुलिस से सांठगांठ कर जबरन काम रुकवा ना चाह रहे हैं।

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