मैच डायरी हाई-वोल्टेज ड्रामे के मुख्य बिंदु:
- वैभव की धक्का-मुक्की: मैच हारने के बाद 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंकाई खिलाड़ी से तीखी बहस और हाथापाई।
- कप्तान का गुस्सा: मैच टाई होने पर सुपर ओवर न कराने के अंपायरों के फैसले पर भिड़े कप्तान तिलक वर्मा।
- नो-बॉल का सस्पेंस: सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर आउट होने के बाद अंपायर ने दिया नो-बॉल, वापस बुलाए गए भारतीय खिलाड़ी।
- शानदार प्रदर्शन: सूर्यांश शेडगे के 72 और विप्रज निगम के 51 रनों की बदौलत भारत ने बनाए थे 265 रन।
- फाइनल का गणित: 17 जून को अफगानिस्तान-ए के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला, जीतना बेहद जरूरी।
दांबुला (श्रीलंका)। भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज का सोमवार को खेला गया मुकाबला क्रिकेट के इतिहास के सबसे विवादास्पद और ड्रामे से भरे मैचों में शुमार हो गया है। दांबुला के मैदान पर दोनों टीमों के बीच न सिर्फ गेंद और बल्ले का कड़ा मुकाबला देखने को मिला, बल्कि मैच के दौरान और मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी और कप्तान आपस में भिड़ गए। सुपर ओवर तक खिंचे इस बेहद रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका-ए ने भारत-ए को हरा दिया। लेकिन, इस हार के बाद मैदान पर माहौल उस वक्त बेहद गर्म हो गया जब भारत के 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को सरेआम धक्का मार दिया। इसके बाद श्रीलंकाई विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को बीच-बचाव कर मामला शांत कराना पड़ा।
सुपर ओवर से पहले और बाद में जमकर हुआ ड्रामा
इस मुकाबले में विवादों की शुरुआत तब हुई जब 50-50 ओवर का मुख्य मैच 265 रनों पर टाई हो गया। मैच टाई होने के बाद अंपायरों ने गिरती हुई रोशनी और शाम का हवाला देकर सुपर ओवर कराने से मना कर दिया और मैच को टाई घोषित करने का संकेत दिया। इस फैसले पर भारतीय कप्तान तिलक वर्मा बुरी तरह भड़क गए। तिलक वर्मा मैदान के बीचों-बीच अंपायरों से भिड़ गए और पिच की ओर इशारा करते हुए बहस करने लगे कि अभी खेल के लिए पर्याप्त रोशनी मौजूद है। तिलक के कड़े विरोध के बाद अंपायरों को झुकना पड़ा और सुपर ओवर कराने का फैसला लिया गया।
ड्रामे का अगला सीक्वेंस सुपर ओवर में श्रीलंका की पारी की आखिरी गेंद पर देखने को मिला। भारत की ओर से अरशद खान गेंदबाजी कर रहे थे। उनकी एक कमर से ऊपर की फुलटॉस गेंद पर श्रीलंकाई बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो कैच आउट हो गए। अंपायर ने पहले आउट दिया और जश्न मनाते हुए भारतीय फील्डर्स मैदान से बाहर चले गए। लेकिन जब रीप्ले देखा गया तो पता चला कि गेंद नो-बॉल थी। इसके बाद अंपायरों ने भारतीय खिलाड़ियों को दोबारा मैदान पर बुलाया, जिससे भारतीय खेमे में भारी नाराजगी देखी गई। श्रीलंका ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए, जिसके जवाब में भारतीय टीम केवल 9 रन ही बना सकी और मैच हार गई।
हार के बाद भिड़े वैभव सूर्यवंशी, पाकिस्तान से भी रहा है पुराना विवाद
सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर जैसे ही भारत मैच हारा, श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने भारतीय बल्लेबाजों पर कुछ तंज कसे। भारत की ओर से खेल रहे 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को श्रीलंकाई फील्डर की कोई बात इतनी बुरी लग गई कि वह अपना आपा खो बैठे। वैभव ने तुरंत पलटवार किया और बहस इतनी बढ़ गई कि उन्होंने विरोधी खिलाड़ी को हाथ से जोर का धक्का दे दिया। माहौल बिगड़ता देख श्रीलंका के सीनियर खिलाड़ी निरोशन डिकवेला और भारत के सूर्यांश शेडगे ने बीच-बचाव किया और दोनों को अलग किया।
बता दें कि वैभव सूर्यवंशी का मैदान पर यह आक्रामक रवैया नया नहीं है। इससे पहले 2025 अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ आउट होने के बाद उन्होंने विरोधी गेंदबाज को जूता दिखाने का इशारा किया था। वहीं, 2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप के सुपर सिक्स मैच में भी वह पाकिस्तानी खिलाड़ियों से तीखी नोकझोंक कर चुके हैं।
शेडगे और निगम की शतकीय साझेदारी बेकार, लगातार तीसरे मैच में फेल हुए वैभव
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप साबित हुए और महज 21 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनके अलावा अनुकूल रॉय (8), निशांत सिंधु (6), आयुष बडोनी (15) और प्रभसिमरन सिंह (11) भी सस्ते में आउट हो गए। हालांकि, ऋतुराज गायकवाड (37) और कप्तान तिलक वर्मा (23) ने 52 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला।
मध्यक्रम के ढहने के बाद सूर्यांश शेडगे (72 रन, 66 गेंद, 3 चौके, 2 छक्के) और विप्रज निगम (51 रन, 49 गेंद, 6 चौके) ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतकीय साझेदारी की और टीम का स्कोर 49.2 ओवर में 265 रनों तक पहुँचाया। श्रीलंका की तरफ से विजयकांत वियास्कंथ ने 3 विकेट झटके। जवाब में उतरी श्रीलंका की टीम भी सदीरा समरविक्रमा के शानदार 93 रनों की बदौलत 50 ओवर में 265 रन ही बना सकी और मैच टाई हो गया।
फाइनल की राह: अफगानिस्तान के खिलाफ जीतना हर हाल में जरूरी
इस हार के बाद भारत-ए की ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुँचने की उम्मीदें धुंधली जरूर हुई हैं, लेकिन खत्म नहीं हुई हैं। भारत-ए के 3 मैचों में 2 अंक हैं। अब टीम इंडिया का आखिरी लीग मैच 17 जून को अफगानिस्तान-ए के खिलाफ होगा। फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को यह मैच हर हाल में बड़े अंतर से जीतना होगा, जिससे उसके 4 अंक हो जाएंगे। इसके बाद 19 जून को श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए के बीच होने वाले मैच पर नजर रहेगी। अगर अफगानिस्तान उस मैच में श्रीलंका को हरा देता है, तो तीनों टीमों के 4-4 अंक हो जाएंगे और फाइनलिस्ट का फैसला नेट रनरेट (NRR) के आधार पर किया जाएगा।







No comments:
Post a Comment