केंद्र सरकार की पूंजीवादी मजदूर विरोधी निजीकरण और निगमीकरण की नीति क़े खिलाफ आईएनडीडब्लूएफ़,एआईडीईएफ़ और बीपीएमएस क़े आह्वान पर ओईएफ़ फूलबाग कानपुर की किला मजदूर यूनियन, इंप्लाइज यूनियन और ओईएफ़ मजदूर संघ क़े संयुक्त मोर्चे क़े तत्वाधान दिनांक 18/8/2020 मँगलवार को ओईएफ़ मुख्य द्वार पर सभी कर्मचारियों को ब्लैक बैजेस लगाकर नेशनल प्रोटेस्ट डे मनाया गया। इस दौरान सभी नेताओं और कर्मचारियों ऩे केंद्र सरकार की श्रम विरोधी और आयुध निर्माणियों क़े निगमीकरण क़े विरोध में प्रधानमंत्री और रक्षा मन्त्री को जमकर कोसा। संयुक्त मोर्चे क़े नेता सिद्धनाथ तिवारी,पी.क़े चटर्जी, योगेंद्र चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की पूंजीवादी नीति क़े चलते आज पूरे देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। सबको नौकरियों से निकाला जा रहा है़। कोविड-19 जैसी आपदा को अवसर मानते हुए केंद्र सरकार श्रम कानूनों में संशोधऩ करने क़े साथ सभी सरकारी संस्थानों और प्रतिष्ठानों को बेचने पर आमादा है। आज केंद्र सरकार की पूंजीवादी नीति क़े चलते सभी की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया। रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र की 219 वर्ष की और कोविड-19 से निपटने में अहम भूमिका निभाने वाली आयुध निर्माणियों को आज केंद्र की तानाशाह और पूंजीपतियों की सरकार निगमीकरण कर बेचना चाह रही है़। जो कि देश की सुरक्षा क़े लिहाज से बहुत ही घातक कदम सिद्ध होगा। अगर समय रहते देश का युवा, किसान,मजदूर नहीं चेता। तो देश में फिर से जमींदारी प्रथा लागू होने से कोई नहीं रोक सकता। अब समय आ गया है कि देश का बेरोजगार, किसान, युवा, मजदूर अपने हक क़े लिए और देश को पूंजीपतियों क़े हाथ की कठपुतली बनने से रोकने क़े सड़कों पर उतरें और इस हठधर्मी केंद्र सरकार क़े खिलाफ मोर्चा खोले। आज प्रदर्शन क़े दौरान मुख्य रूप से समीर बाजपेई, शिव कुमार सिंह, जफर अहमद,देवेंद्र शर्मा, जमालुद्दीन, शिवकुमार पाल, रामशरण त्रिपाठी, आलोक भट्ट, रोहित तिवारी, अनिल वर्मा,पुनीत गुप्ता, संजय गुप्ता, एहसान हुसैन, मोहम्मद सलीम, मिथिलेश प्रसाद,रवि द्विवेदी,प्रदीप शर्मा, रामकुमार, अखिलेश सिंह चौहान, दीपक गौड़,महेंद्र नाथ,सी.पी. यादव, राजेंद्र सोनकर,सुधीर कुमार आदि मौजूद थ

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