20 हजार की उधारी लेने गया था मासूम, हैवानों ने मिटा दी पहचान; गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, एडीसीपी शिवा सिंह ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया जाम
तथ्य और घटनाक्रम
प्रमुख बिंदु:
- मृतक:** मोनू जायसवाल (30), निवासी नई बस्ती, कैंट (कानपुर)।
- विवाह:** 26 सितंबर 2025 (महज 7 महीने पहले)।
- स्थिति:** पत्नी अंतिमा 7 माह की गर्भवती हैं।
- क्रूरता:** पहचान मिटाने के लिए चेहरे और शरीर को तेजाब से झुलसाया गया।
- विवाद:** शुक्लागंज में 20 हजार रुपये की उधारी लेने गए थे मोनू।
- प्रदर्शन:** गोला घाट तिराहे पर 1.5 घंटे तक शव रखकर चक्का जाम।
तथ्य और घटनाक्रम प्रमुख बिंदु:
- मृतक:** मोनू जायसवाल (30), निवासी नई बस्ती, कैंट (कानपुर)।
- विवाह:** 26 सितंबर 2025 (महज 7 महीने पहले)।
- स्थिति:** पत्नी अंतिमा 7 माह की गर्भवती हैं।
- क्रूरता:** पहचान मिटाने के लिए चेहरे और शरीर को तेजाब से झुलसाया गया।
- विवाद:** शुक्लागंज में 20 हजार रुपये की उधारी लेने गए थे मोनू।
- प्रदर्शन:** गोला घाट तिराहे पर 1.5 घंटे तक शव रखकर चक्का जाम।
विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट: 9वन टाइम्स की विशेष पड़ताल
कानपुर। शहर के कैंट थाना क्षेत्र में उस वक्त मातम छा गया जब नई बस्ती निवासी 30 वर्षीय मोनू जायसवाल का शव पड़ोसी जिले उन्नाव के शुक्लागंज इलाके में तेजाब से झुलसी हुई हालत में बरामद हुआ। सिम कैनोपी लगाने का काम करने वाले मोनू की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि कानपुर पुलिस के सुरक्षा दावों की भी पोल खोल दी है।
उधारी के 20 हजार और वो आखिरी फोन कॉल
मोनू के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि रविवार शाम मोनू शुक्लागंज से 20 हजार रुपये की उधारी वसूलने की बात कहकर घर से निकला था। रात 9 बजे उसने अपनी पत्नी अंतिमा से फोन पर बात की। अंतिमा के अनुसार, "उस वक्त मोनू बहुत घबराए हुए लग रहे थे। अचानक फोन कटा और फिर हमेशा के लिए बंद हो गया।" अंतिमा ने 30 से ज्यादा बार फोन किया, लेकिन दूसरी तरफ से सिर्फ खामोशी मिली। सोमवार सुबह उन्नाव पुलिस ने मराला चौकी के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना दी, जिसकी पहचान मोनू के कपड़ों से हुई।
7 महीने का साथ और 7 महीने का गर्भ
मोनू और अंतिमा का विवाह 26 सितंबर 2025 को हुआ था। अंतिमा इस वक्त 7 माह की गर्भवती हैं। नियति की क्रूरता देखिए कि जिस वक्त मोनू का शव सड़क पर रखकर न्याय की गुहार लगाई जा रही थी, उसकी गर्भवती पत्नी को इस सदमे से बचाने के लिए परिजनों ने खबर तक नहीं दी थी। अंतिमा का आरोप है कि कुछ लड़के मोनू को अपने साथ ले गए थे और उन्हीं ने पुरानी रंजिश या पैसों के लालच में उनकी हत्या कर दी।
गोला घाट पर 'रण' और 4 किलोमीटर का जाम
मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे, पोस्टमार्टम के बाद जब मोनू का शव कानपुर पहुंचा, तो परिजनों का सब्र टूट गया। शुक्लागंज-कानपुर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग यानी गोला घाट तिराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। देखते ही देखते शुक्लागंज और कानपुर दोनों तरफ वाहनों के पहिए थम गए। 4 किलोमीटर लंबे जाम में सैकड़ों एम्बुलेंस और यात्री वाहन फंस गए। कांग्रेस नगर अध्यक्ष पवन गुप्ता भी परिवार के साथ धरने पर बैठ गए।
पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
जाम की सूचना पर डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता और एडीसीपी शिवा सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की तीखी नोकझोंक और मशक्कत के बाद पुलिस ने परिवार को समझा-बुझाकर शांत कराया और हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि घटना उन्नाव की है, लेकिन कानपुर पुलिस भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना करेगी।





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