प्रदेश के 40 आईटीआई निजी हाथों में सौंपने की तैयारी बढ़ेगा फीस का अतिरिक्त बोझ - NINE ONE TIMES

निर्भीक आवाज़, निष्पक्ष खबर

Breaking

20/08/2020

प्रदेश के 40 आईटीआई निजी हाथों में सौंपने की तैयारी बढ़ेगा फीस का अतिरिक्त बोझ


प्रदेश में 307 राजकीय,12 महिला व 2931 निजी आईटीआई हैं। लगातार गिर रही प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए निजीकरण का फैसला लिया गया है

कानपुर। प्रदेश के 40 आईटीआई को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी हो गई है। पहले चरण में 16 और दूसरे में 24 संस्थानों के निजीकरण पर सहमति बन गई है। नए सत्र से छात्रों का प्रवेश निजी आईटीआई में होगा। इसके साथ ही दाखिला लेने वाले छात्रों पर फीस का बोझ 54 गुना तक ज्यादा पड़ेगा। यानि आईटीआई की पढ़ाई पालीटेक्निक की पढ़ाई से भी ज्यादा महंगी हो जाएगी।

प्रदेश में 307 राजकीय,12 महिला व 2931 निजी आईटीआई हैं। लगातार गिर रही प्रशिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए निजीकरण का फैसला लिया गया है। यह माना जा रहा है कि निजीकरण के बाद छात्रों को अत्याधुनिक मशीनों के जरिए नई तकनीक सीखने का मौका मिलेगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निजी हाथों में जाने के बाद शिक्षा व प्रैक्टिकल के स्तर में सुधार होगा। हालांकि सभी आईटीआई का पाठ्यक्रम एक ही रहेगा।

480 के बजाए करीब 26 हजार होगी फीस

आईटीआई की मासिक फीस अभी मात्र 40 रुपए है। निजीकरण के बाद फीस 480 रुपए सालाना से बढ़कर 26 हजार रुपए तक हो जाएगी। जबकि पॉलीटेक्निक से साल भर का डिप्लोमा लेने के लिए अभी लगभग 11 हजार रुपए फीस देनी पड़ती है।

वर्जन-

निजीकरण का फैसला प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सुधारेगा। सभी संस्थाओं की सूची फाइनल हो गई है। अगले सत्र से प्रवेश शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

सुनील श्रीवास्तव, डिप्टी डायरेक्टर (ट्रेनिंग)

No comments:

Post a Comment

Featured Post

लखनऊ अग्निकांड में साजिश की बू! बेघर महिलाओं का बड़ा आरोप— "हादसा नहीं, साजिश थी यह आग; खाली कराने के लिए जानबूझकर लगाई गई"

NINE ONE TIMES झूठ फैला रहा मीडिया? झोपड़पट्टी की महिलाओं ने 'सिलेंडर ब्लास्ट' की थ्योरी को नकारा; कहा— "आग लगने के बाद फटे सिल...

खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages