- हठधर्मी केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों को दरकिनार पूंजीपतियों की गोद में खेल रही है़ और पूंजीपतियों क़े इशारे पर सारे विभागों को बेचने में लगी है
आयुध निर्माणियों क़े निगमीकरण क़े विरोध में पिछ्ले वर्ष 20 अगस्त 2019 से शुरू होकर दिनांक 24/8/2019 तक 5 दिन तक हड़ताल चली थी। जिसका एक वर्ष पूरा होने पर आईएनडीडब्लूएफ़, एआईडीईएफ़ और बीपीएमएस के आह्वान पर दिनांक 20/8/2020 गुरुवार को ओईएफ़ फूलबाग कानपुर की किला मजदूर यूनियन,इंप्लाइज यूनियन और ओईएफ़ मजदूर संघ क़े संयुक्त मोर्चे क़े तत्वाधान में सभी कर्मचारियों को ब्लैक बैजेस लगाकर call attention day मनाया गया। इस दौरान सभी ऩे केंद्र सरकार क़े तानाशाही रवैए पर प्रधानमंत्री और रक्षा मन्त्री क़े खिलाफ जमकर नारेबाजी करी। इस दौरान संयुक्त मोर्चे क़े नेता सिद्धनाथ तिवारी, जमालुद्दीन, गोपाल द्विवेदी ऩे कहा बहुत ही विषम परिस्थिति है़। देश की पूंजीवादी नीति क़े चलते आज देश का सारा मजदूर वर्ग बेहाल है। लेकिन हठधर्मी केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों को दरकिनार पूंजीपतियों की गोद में खेल रही है़ और पूंजीपतियों क़े इशारे पर सारे विभागों को बेचने में लगी है। आयुध निर्माणियाँ देश की सुरक्षा की रीढ़ हैं। देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में आयुध निर्माणियों का अहम योगदान है़। आयुध निर्माणियाँ 219 वर्षों से पूरी मजबूती क़े साथ देश क़े साथ खड़ी हैं और समय पर गुणवत्ता युक्त सैन्य-साजो सामान देश की सेना को उपलब्ध कराती रहीं हैं। इसलिए आयुध निर्माणियों क़े इतने अतुलनीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में भी आयुध निर्माणियों ऩे अद्वतीय भूमिका निभायी है। लेकिन उसके बावजूद केंद्र की हठधर्मी सरकार आयुध निर्माणियों को निगमीकरण की आड़ में पूंजीपतियों को बेचने पर आमादा है। चाहे देश की सुरक्षा ही क्यों न खतरे में पड़ जाए। तीनों नेताओं ने केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द निगमीकरण का फैसला रद्द नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर 2020 से ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। जिसको इतिहास क़े पन्नों पर हमेशा याद किया जाएगा। इस हड़ताल में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चत करने का भी प्रयास किया जाएगा। आज विरोध-प्रदर्शन क़े दौरान मुख्य रूप से समीर बाजपेई, जफर अहमद,पी.क़े. चटर्जी, योगेंद्र चौहान, शिवकुमार सिंह, रोहित तिवारी,रामशंकर विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, संजय गुप्ता, अनिल वर्मा, राजेंद्र सोनकर, मिथिलेश प्रसाद,रवि द्विवेदी, नरेश कुमार, हरीचंद, एहसान हुसैन, महेंद्र नाथ, राजेश कुमार, संदीप खन्ना, प्रदीप शर्मा, दीपक गौड़, अखिलेश सिंह चौहान, रवि भूषण, रामशरण त्रिपाठी, सुधीर कुमार,नसरत अली,रामकुमार आदि मौजूद थे।

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