आयुक्त ने पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाने पर दिया बल।
कानपुर । आईआईटी के चन्द्रकान्ता केश्वन सेन्टर में आयोजित कान्फ्रेंस में मण्डलायुक्त डा0 राजशेखर ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक कुशल, सतत और लागत प्रभावी प्रोद्योगिकियों के लिए आईआईटी कानपुर, कानपुर प्रशासन, कानपुर स्मार्ट सिटी व कानपुर नगर निगम के साथ मिलकर साझा प्रयास कर रहा है। डा0 राज शेखर द्वारा इस सम्बन्ध में कानपुर शहर केन्द्रित समस्याओं यथा बढ़ रहे वाहनों के आवागमन ठोस कचरे (सॉलिड वेस्ट) के बढ़ते प्रचलन, घटते वनावरण और गंगा को स्वच्छ रखने की चुनौतियों के प्रति अपनी चिन्ता व्यक्त करते हुये इसे जन-जागरुकता के माध्यम से सफल बनाने हेतु लोगो से अपील की गयी। पर्यावरण के सम्बन्ध में अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर भारत की दुविधा एवं जलवायु के प्रति प्रतिबद्धतायें जैसे विकसित बनाम विकास शील देश, विकास और पर्यावरण संरक्षण, जीवन शैली बनाम पर्यावरण व वैकल्पिक और समय-सीमा के लागत लाभ को ध्यान में रखकर अवगत कराया गया कि भारत के समक्ष वर्ष तक अपनी गैर जीवाश्म ऊर्जा क्षमता 500 गीगावाट तक हासिल करने, वर्ष तक अक्षय ऊर्जा से अपनी ऊर्जा आवश्कताओं का 50 प्रतिशत पूर्ण करने, वर्ष तक कुल अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 01 बिलियन टन की कमी करने, वर्ष तक अपनी अर्थवयवस्था की कार्बन तीव्रता को 45 प्रतिशत से कम करने तथा वर्ष तक “नेट जीरो” को हासिल कर लेने की प्रतिबद्धतायें है। मण्डलायुक्त द्वारा इस सम्बन्ध में हमें आगे क्या करने की आवश्यकता है। के सम्बन्ध में प्रभावी, व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य नीतिगत ढांचा तैयार करने, बेहतर क्रियान्वयन हेतु प्रभावी कानूनी ढाँचा तैयार करने, कानपुर की कार्बन न्यूट्रल प्रयास में सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जनजागरुकता अभियान चलाने पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली (जो प्रधानमंत्री ने वर्ष की सम्मेलन में भी कहा है) अपनाने तथा सभी सम्भव विकल्पों के लिए विश्वसनीय, लम्बे समय तक परिणाम देने वाले और लागत प्रभावी टेक्नीक के अपनाने पर जोर दिया गया। जिसमें आईआईटी कानपुर का बड़ा योगदान रहेगा। अपने उद्बोधन के अन्त में मण्डलायुक्त डा0 राज शेखर द्वारा कानपुर शहरवासी अपने शहर को वर्ष में किस रुप में देखना चाहेगें। सभी के सामूहिक प्रयास को रेखांकित करते हुये कहां गया कि इस सम्बन्ध में सार्वजनिक परिवहन के साधनों जैसे मैट्रो रेल, ई-बसेज, शेयर्ड ट्रान्सपोर्ट कान्सेप्ट आदि को बढ़ावा देकर प्रदूषण में कमी करने, ठोस अपशिष्ट उत्पादन में कमी और इसके प्रभावी निपटान/पुर्नचक्रण (रिसाइकलिंग), सौर व पवन ऊर्जा जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना और उनका समर्थन करना, लागत प्रभावी, विश्वसनीय और टिकाऊ प्रोद्योगिकियों के लिए आईआईटी कानपुर से हाथ मिलाने और जन-जागरुकता अभियान के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाने पर बल दिया गया।


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