DSO की नई व्यवस्था: 300 परिवारों को मिली राहत, विशेष लिपिक की तैनाती; फर्जीवाड़ा रोकने के लिए होगा कार्ड का फिजिकल वेरिफिकेशन
राहत भरी खबर
सिलेंडर पाने का आसान तरीका:
- जरूरी दस्तावेज: शादी का कार्ड और प्रार्थना पत्र लेकर जाना होगा कचहरी स्थित DSO ऑफिस।
- समय सीमा: आवेदन के मात्र 24 घंटे के भीतर सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- विशेष व्यवस्था: फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सत्यापन के बाद ही अलॉट होगा सिलेंडर।
- सीधा संपर्क: गैस एजेंसी खुद उपभोक्ता को फोन करके डिलीवरी की जानकारी देगी।
राहत भरी खबर सिलेंडर पाने का आसान तरीका:
- जरूरी दस्तावेज: शादी का कार्ड और प्रार्थना पत्र लेकर जाना होगा कचहरी स्थित DSO ऑफिस।
- समय सीमा: आवेदन के मात्र 24 घंटे के भीतर सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- विशेष व्यवस्था: फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सत्यापन के बाद ही अलॉट होगा सिलेंडर।
- सीधा संपर्क: गैस एजेंसी खुद उपभोक्ता को फोन करके डिलीवरी की जानकारी देगी।
|
श्रेणी |
कुल संख्या |
|---|---|
|
कानपुर में कुल LPG ग्राहक |
11,44,075 |
|
कमर्शियल गैस कनेक्शन |
11,000 |
|
IOCL (इंडेन) |
7,15,814 |
|
BPCL (भारत गैस) |
2,21,252 |
|
HPCL (एचपी गैस) |
2,07,009 |
कानपुर। शादियों के इस सीजन में यदि आपके घर में भी शहनाई बजने वाली है, तो अब आपको हलवाई के लिए गैस सिलेंडर जुटाने की चिंता नहीं करनी होगी। कानपुर जिला पूर्ति विभाग (DSO) ने शादियों में गैस की किल्लत को देखते हुए एक बेहद सुगम और पारदर्शी व्यवस्था शुरू की है। अब उपभोक्ता केवल शादी का कार्ड और एक प्रार्थना पत्र दिखाकर 24 घंटे के भीतर गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं।
📞 कानपुर में सिलेंडर से जुड़ी शिकायत यहाँ करें:
- मुख्य हेल्पलाइन नंबर: 0512-2988763 (किसी भी दिक्कत के लिए)
समय के अनुसार संपर्क करें:
- सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक: 9956471749, 9415475572, 8737062811
- दोपहर 3 से रात 11 बजे तक: 7499728292, 8318899106
- रात 11 से सुबह 7 बजे तक: 9140832585, 6387573824
300 से ज्यादा परिवारों को मिली मदद
जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) राकेश कुमार ने बताया कि शादियों के सीजन में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और किल्लत की शिकायतें मिल रही थीं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कचहरी स्थित कार्यालय में एक विशेष डेस्क बनाई गई है। अब तक विभाग के पास 300 से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाते हुए गैस सिलेंडर मुहैया कराए जा चुके हैं।
कैसे काम करती है यह व्यवस्था?
उपभोक्ता को अपना आवेदन जिला पूर्ति कार्यालय में देना होता है। यहाँ तैनात विशेष आपूर्ति लिपिक दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं। इसके बाद विभाग तुरंत संबंधित ऑयल कंपनी के सेल्स ऑफिसर के नाम आदेश जारी कर देता है। प्रक्रिया को इतना आधुनिक बनाया गया है कि शाम होते ही सभी स्वीकृत आदेशों की लिस्ट व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए गैस एजेंसियों को भेज दी जाती है। जैसे ही एजेंसी के पास डेटा पहुँचता है, वे खुद उपभोक्ता को फोन कर सिलेंडर ले जाने या डिलीवरी की सूचना देते हैं।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्त पहरा
व्यवस्था का गलत लाभ न उठाया जाए, इसके लिए विभाग ने कड़े नियम बनाए हैं। DSO ने बताया कि हर आवेदन के साथ शादी के कार्ड का होना अनिवार्य है। लिपिक की जिम्मेदारी है कि वह रैंडम तरीके से या संदिग्ध लगने पर सत्यापन सुनिश्चित करें। आदेश पत्र पर संबंधित सेल्स ऑफिसर का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाता है ताकि किसी भी असुविधा पर उपभोक्ता सीधे बात कर सके।
जनप्रतिनिधियों की मांग पर डीएम का एक्शन
बता दें कि सिलेंडर की किल्लत को लेकर हाल ही में कई जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद डीएम के निर्देश पर आपूर्ति विभाग ने इस विशेष सेल का गठन किया। अब शादियों वाले घरों में गैस के लिए भाग-दौड़ बीते दिनों की बात हो गई है।


No comments:
Post a Comment