कानपुर नगर में 10 हजार से ज्यादा कर्मियों की फौज संभालेगी कमान; RTI से भी बाहर रहेगा जनगणना का डेटा, जानें स्व-गणना और सर्वे की पूरी समय- सारणी
CENSUS 2027 UPDATE
जनगणना कार्यक्रम और नियम:
- स्व-गणना (Self-Enumeration): 7 मई से 21 मई तक डिजिटल पोर्टल पर स्वयं भरें जानकारी।
- प्रगणक सर्वे: 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे डेटा संकलन।
- कानूनी सुरक्षा: जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जानकारी कोर्ट में साक्ष्य नहीं मानी जाएगी।
- RTI से सुरक्षा: सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी आपकी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी।
- बड़ी टीम: कानपुर में 8991 प्रगणक और 1476 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
CENSUS 2027 UPDATE जनगणना कार्यक्रम और नियम:
- स्व-गणना (Self-Enumeration): 7 मई से 21 मई तक डिजिटल पोर्टल पर स्वयं भरें जानकारी।
- प्रगणक सर्वे: 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे डेटा संकलन।
- कानूनी सुरक्षा: जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जानकारी कोर्ट में साक्ष्य नहीं मानी जाएगी।
- RTI से सुरक्षा: सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी आपकी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी।
- बड़ी टीम: कानपुर में 8991 प्रगणक और 1476 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।
कानपुर नगर। 'जनगणना 2027' की तैयारी अब अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट में इस महाभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जनपदवासियों को आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान साझा की गई उनकी हर जानकारी 'गोपनीयता की कानूनी गारंटी' के साथ सुरक्षित रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बिना किसी संकोच के सही आंकड़े उपलब्ध कराएं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर आगामी वर्षों की सरकारी नीतियों का निर्माण होगा।
गोपनीयता की कानूनी दीवार: RTI और कोर्ट भी बेअसर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत एकत्र की गई सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय हैं। इन्हें किसी भी नागरिक या आपराधिक न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, यह जानकारी सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम-2005 के दायरे से भी बाहर है। जनगणना का डेटा किसी अन्य विभाग या व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, बल्कि इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण और नीति निर्धारण के लिए होगा।
डिजिटल होगी जनगणना: 7 मई से स्व-गणना की सुविधा
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित होगी।
- पहला चरण (7 मई - 21 मई): नागरिक जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे (Self-Enumeration)।
- दूसरा चरण (22 मई - 20 जून): प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और आंकड़ों का संकलन करेंगे।
कानपुर नगर में कर्मियों की बड़ी फौज
जनगणना को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए कानपुर नगर में कुल 10,467 कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें 8,991 प्रगणक और 1,476 सुपरवाइजर शामिल हैं।
तहसील स्तर पर सबसे अधिक 1,010 प्रगणक बिल्हौर में और नगर निगम क्षेत्र के जोन-6 में सर्वाधिक 1,156 प्रगणक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा कैंटोनमेंट बोर्ड, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी अलग से प्रगणक नियुक्त किए गए हैं।
डीएम की अपील: "सही जानकारी, बेहतर भविष्य"
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनपदवासियों से अनुरोध किया कि जब प्रगणक आपके घर आएं, तो उन्हें सही और पूर्ण जानकारी दें। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से यह डेटा पूरी तरह सुरक्षित सर्वर में संग्रहीत किया जाएगा। विश्वसनीय आंकड़े ही सरकार को जनहित की प्रभावी योजनाएं, जैसे- राशन, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं तैयार करने में मदद करते हैं।


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