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17/09/2020

निर्माण एजेंसियों रवैए के कारण सरकार की कार्यशैली भी बदनाम



  • आक्रोशित ग्रामीणों नें निर्माण एजेंसी व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

  • स्थानीय लोगों के सारे भ्रम दुर हो गये, साथ हीं लोगों के सपने भी चकनाचूर हो गये। सड़क निर्माण कार्य प्रगति का आलम यह है कि स्टाक स्थल पर मेटेरियल जस की तस पड़ी है


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सुदुर देहात क्षेत्रों को शहरी क्षेत्रों से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार सरकार नें महत्त्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री ग्राम संम्पर्क योजना लागू की थी। मगर निर्माण एजेंसियों रवैए के कारण सरकार की कार्यशैली भी बदनाम होती जा रही है। बताते चलें कि बछवाड़ा प्रखंड के रूदौली पंचायत में भरौल चौक से पुराना स्थान ढाला तक लगभग तीन किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण कार्य अगस्त 2018 में हीं प्रारंभ किया गया था। सरकार नें लागत राशि एक करोड़ एकत्तीस लाख रूपए के आवंटन के साथ निर्माण कार्य का जिम्मा सोना इन्फ्राकाॅन प्रा० लि० नामक एजेंसी को सौंपा गया। साथ हीं निर्माण एजेंसी नें जनवरी 2020 तक कार्य को समाप्त करने का एकरारनामा किया।



  • आक्रोशित ग्रामीणों नें निर्माण एजेंसी व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की



 


निर्माण एजेंसी नें विभिन्न साधनों व मशीनरी के साथ-साथ निर्माण में उपयोग होने वाले मेटेरियल स्टाॅक किया गया। गांव में अचानक इतने सारे लाव-लश्कर इकट्ठा होते देख स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। गांव के लोगों नें विभिन्न प्रकार के वाहन खरिदारी के साथ रोजी-रोजगार के द्वार खुलने के सपने देखने लगे। मगर कुछ हीं दिनों बाद स्थानीय लोगों के सारे भ्रम दुर हो गये, साथ हीं लोगों के सपने भी चकनाचूर हो गये। सड़क निर्माण कार्य प्रगति का आलम यह है कि स्टाक स्थल पर मेटेरियल जस की तस पड़ी है। महज़ एक इंच भी सड़क निर्माण कार्य नहीं हो सका है। निर्माण एजेंसी के इस रवैए से छुब्ध ग्रामीणों नें मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को भरौल गांव के चौराहे पर  आक्रोशित लोगड़ों लोगों नें इकट्ठा होकर जमकर अपने गुस्से का इजहार किया। इस क्रम में आक्रोशित ग्रामीणों नें बिहार सरकार व निर्माण एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण बारंबार निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर शीध्र निर्माण कार्य कराने की मांग कर रहे थे। मौके पर राजद नेता रूपेश कुमार, महाकांत ईश्वर, हरेराम ईश्वर, पुर्व सरपंच संजीव कुमार, निरंजन कुमार, रामसेवक ईश्वर, सोनेलाल पासवान, गोविंद साह, इन्द्र बली ईश्वर, रामबालक ईश्वर, शीलवंत कुमार ईश्वर, रामाकांत ईश्वर, दीपक कुमार ईश्वर, उपेन्द्र यादव, दिलीप यादव, आदि मौजूद थे।


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