- दिवंगत क्रशर कारोबारी के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा को घाटमपुर में पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया
कानपुर। महोबा में क्रशर कारोबारी की मौत के बाद इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्माने लगी है। दिवंगत क्रशर कारोबारी के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा को घाटमपुर में पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किये हैं। कांग्रेस विधानमंडल नेता ने आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त हो रहा है।
महोबा में क्रशर कारोबारी की रविवार को कानपुर के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। इसी के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा महोबा में उनके परिजनों से मिलने जा रहे थे। जैसे ही स्थानीय पुलिस को इस बात की खबर लगी, वह सतर्क हो गई। घाटमपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की गाड़ी को रोक लिया गया। यहां पर काफी देर तक पुलिस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधानमंडल दल नेता के बीच बहस भी हुई। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया और हिरासत में लेकर पास के एक गेस्ट हाउस में ले आयी। पुलिस की इस कार्रवाई को कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के साथ विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि सिर्फ दो लोग महोबा में दिवंगत कारोबारी के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देने जा रहे थे। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि क्रशर कारोबारी के वीडियो वायरल करने के बाद जिस तरह से उन्हें गोली लगी और फिर उनकी मौत हुई, यह काफी सवाल खड़े करने वाली है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर दिवंगत कारोबारी की शिकायत पर शासन और प्रशासन पहले ही सख्त होता और सीएम संज्ञान लेते तो इस तरह की घटना होने से बच जाती। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यूपी में अपराध क्यों बढ़ रहे हैं। आरोप लगाते हुए कि अपराधियों को सत्ता में बैठे हुए लोगें को संरक्षण प्राप्त है। इसी की वजह से उनके हौसले बुलंद हैं।

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