5 वर्ष तक संविदा के आधार पर मौलिक नियुक्ति का सपा छात्र सभा किया विरोध - NINE ONE TIMES

निर्भीक आवाज़, निष्पक्ष खबर

Breaking

14/09/2020

5 वर्ष तक संविदा के आधार पर मौलिक नियुक्ति का सपा छात्र सभा किया विरोध




  • प्रदेश सरकार समूह ख व  समूह ग की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है प्रस्तावित व्यवस्था में चयन के बाद कर्मचारियों को शुरुआती 5 वर्ष तक संविदा के आधार पर नियुक्त करने की योजना है


प्रदेश सरकार द्वारा समूह ख व समूह ग की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है जिस पर  समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के  प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने  इसका विरोध किया है। आपको बता दें कि प्रदेश सरकार समूह ख व  समूह ग की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है प्रस्तावित व्यवस्था में चयन के बाद कर्मचारियों को शुरुआती 5 वर्ष तक संविदा के आधार पर नियुक्त करने की योजना है इस दौरान उन्हें नियमित सरकारी सेवकों को मिलने वाले अनुमन्य सेवा संबंधी लाभ नहीं मिलेंगे 5 वर्ष की कठिन संविदा सेवा के दौरान जो छटनी से बच पाएंगे उन्हें मौलिक नियुक्ति मिल सकेगी शासन का कार्मिक विभाग इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष विचार के लिए लाने की तैयारी कर रहा है इस प्रस्ताव पर विभागों से राय मशवरा शुरू कर दिया गया है।


वहीं इस पूरे मामले पर सपा छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के चेहरा खुल कर धीरे धीरे अब सामने आने लगा है इन्होंने जो नौकरियों में समूह खा और समूह ग में जो नयी व्यवस्था  लागू की है उसके तहत ये 5 शाल की संविदा की नौकरी करने जा रहे है और उसके बाद एक प्रणाली बनाई है रिवैल्यू सिस्टम बनाया है । फिर ये तैय करेंगे की जो ये 5 साल नौकरी कर चुका है नौजवान ये नौकरी करने लायक है कि नही यानी कि जो लड़का पड़ लिख कर। अपनी योग्यता परीक्षा देने के बाद भी 5 शाल इस डर में रहेगा की कही उसकी नौकरी न चली जाए और 5 शाल अपनी नौकरी देने के बाद अगर सरकार उसको बाहर कर देती है तो सोचिए वह अपने जीवन के 5 शाल देने के बाद नौकरी कहा पायेगा। ऐसी तमाम तकनीकी खामियों के साथ ये व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।क्या आरक्षण सिस्टम जिस तरह से लागू है क्या वह लागू होगा अगर छटनी होगी तो क्या उस वर्ग के छात्रों में उस वर्ग के अभ्यर्थी रखे जाएंगे ये बाते अभी साफ नही की गई है सीधे सीधे उप्र के नौजवानों को कही न कही दिहाड़ी मजदूर बनाने का प्रयास किया जा रहा है अंग्रेजो की हुकूमत की तरह गुलाम बनाने का प्रयास  किया जा रहा है ऐसा प्रयास उत्तर प्रदेश के अलावा एक प्रेदेश में और हो चुका है जहाँ कोर्ट की फटकार के बाद उस सिस्टम को कैंसिल किया गया था लेकिन ये साफ हो चुका है की ये भाजपा पूरे प्रदेश को ठेकेदारों को बेचने चाहते है और उत्तर प्रदेश का नौजवान गुलामो को तरह एक दिहाड़ी मजदूर को तरह हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाता रहे उसकी प्रतिभा का हनन होता रहे। और जिंदगी के 5 शाल गुजरने के बाद व्व लाचार हो जाएगा उसकी नौकरी छूट जाए इस तरह की व्यवस्था लागू करना अव्यवहारिक है सपा इस लड़ाई को लडेगी सड़को पर उतरेगी और नौजवानों को हक़ दिलाने का काम करेगी।


No comments:

Post a Comment

Featured Post

लखनऊ अग्निकांड में साजिश की बू! बेघर महिलाओं का बड़ा आरोप— "हादसा नहीं, साजिश थी यह आग; खाली कराने के लिए जानबूझकर लगाई गई"

NINE ONE TIMES झूठ फैला रहा मीडिया? झोपड़पट्टी की महिलाओं ने 'सिलेंडर ब्लास्ट' की थ्योरी को नकारा; कहा— "आग लगने के बाद फटे सिल...

खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages