- विश्व में लगभग 33 मिलियन कुपोषित बच्चे हैं जिनमें 19 मिलियन गंभीर रूप से कुपोषित (सेम) श्रेणी के बच्चे हैं तथा 14 मिलियन औसत बच्चे कुपोषण (मेम) श्रेणी के हैं
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पोषण माह सितंबर में विश्वविद्यालय के मौसम विभाग में संचालित आईसीएआर द्वारा वित्त पोषित एग्रीपाम, निकरा परियोजना के अंतर्गत कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए फलदार पौधों का वितरण एवं रोपण देहात के मैथा विकासखंड के ग्राम लुधौरा एवं जनपद उन्नाव के ग्राम इनायतपुर विकासखंड औरास तथा ग्राम चिरैयारी विकासखंड हसनगंज में कराया गया। निदेशक शोध डॉ एच जी प्रकाश ने बताया कि विश्व में लगभग 33 मिलियन कुपोषित बच्चे हैं जिनमें 19 मिलियन गंभीर रूप से कुपोषित (सेम) श्रेणी के बच्चे हैं तथा 14 मिलियन औसत बच्चे कुपोषण (मेम) श्रेणी के हैं। उन्होंने बताया कि भारत में कुपोषित बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 50% हैं जबकि उत्तर प्रदेश में 46.3% कुपोषित बच्चे हैं इन बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए भोजन के साथ साथ फलों की उपयोगिता महत्वपूर्ण हो सकती है विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह ने बताया कि स्वामीनाथन ट्रस्ट के सहयोग से जनपद कानपुर देहात में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा न्यूट्री हार्टी योजना संचालित की जा रही है जिसके आशातीत परिणाम मिले हैं।

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