आकाशीय बिजली (वज्रपात) से हो रही जनहानि से बचने के लिए सुझाव- डॉ. पाण्डेय
कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ ने उपकार (उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद ) के 31वें स्थापना दिवस के अवसर पर दिनांक 14 जून को कहा था कि प्रदेश के सभी कृषि विश्वविद्यालयो द्वारा आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय से संबंधित एडवाइजरी जारी की जाए के क्रम में एवं चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डॉक्टर डी.आर. सिंह द्वारा जारी निर्देश के क्रम में राष्ट्रीय एवं स्थानीय समाचार पत्रों/ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाए जाने के संबंध मे 15 जुलाई को विश्वविद्यालय के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएन पांडेय ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि आकाशीय बिजली (वज्रपात) से हो रही जनहानि से बचने के लिए सुझाव दिए कि आसमान से बिजली चमकने/ गरजने/ कड़कने के समय यदि कोई व्यक्ति खुले में है तो शीघ्र अति शीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लेना चाहिए।यात्रा के दौरान लोग अपने वाहन में ही रहें। डॉक्टर पांडेय ने बताया कि बिजली की सुचालक वस्तुओं से दूर रहे। उन्होंने बताया की बिजली के उपकरणों को तार के संपर्क से हटा दें। पेड़, तालाब, जलाशयों इत्यादि से दूरी बनाए रखें। उन्होंने आम जनमानस से अपील की है। कि जब वर्षा हो रही हो या आसमानी बिजली कड़क रही हो तो समूह में इकट्ठे खड़े ना हो उन्होंने यह भी सलाह दी है कि अगर जंगल या बाग बगीचों में हैं तो घने पेड़ों व बगीचों से दूर रहें। धातु की बनी हुई वस्तुएं जैसे बाइक, बिजली का खंबा, टेलीफोन, लोहे का खंभा, मशीन व टीन की छांव से दूर रहें। उन्होंने बताया कि आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाने की व्यवस्था की जाए एंड्राइड मोबाइल फोन पर दामिनी ऐप डाउनलोड कर मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें डॉक्टर पांडे ने बताया कि जहां पर रहे वहां पैरों के नीचे सूखी वस्तुएं जैसे लकड़ी, प्लास्टिक बोरा या सूखे पत्ते रख ले। दोनों पैरों को आपस में सटाकर दोनों हाथों से कानों को बंद कर अपने सर को जमीन की तरफ यथासंभव झुका ले पर जमीन पर सर को कदापि ना सटाए। पैदल जा रहे है तो लोहे की रॉड वाली डंडी के छातो का प्रयोग ना करें यदि घर पर है तो फ्रीज, नल इत्यादि ना छुएं। सहायक निदेशक शोध डॉ मनोज मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वज्रपात से सर्वाधिक प्रभावित जनपद सोनभद्र, मिर्जापुर,ललितपुर, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर ,कानपुर नगर, प्रयागराज,चित्रकूट, चंदौली एवं देवरिया जनपद मुख्य रूप से हैं।

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