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24/07/2020

विधायक अमिताभ बाजपेयी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र की हास्पिटल की मांग


हैलट हॉस्पिटल में कोई वेंटीलेटर खाली नहीं  स्टाफ व डॉक्टर की परेशानी यह है कि 22 मार्च से अब तक अनवरत काम करके वो भी मानसिक शारीरिक रूप से थक चुके हैं                                   

कानपुर। शहर की भयावह स्थिति को बताते हुए प्राईवेट अस्पतालों का लेवल-3 के अधिग्रहण कर लोगों को सुविधा दिलाने की मांग करी। इस वैश्विक कोरोना महामारी में कानपुर की स्थितियां भी अति भयावह हो गई है। आज स्थिति यह है,कि 200/225 केस प्रतिदिन नये मिलते है, लगभग 1400 केस वर्तमान में शहर में सक्रिय है। शहर के अंदर लेवल-1 व लेवल-2 अस्पताल तो है, लेकिन लेवल-3 का एक ही अस्पताल हैलट लाला लाजपत राय चिकित्सालय जो की मेडिकल कॉलेज के अधीन है, वही उपलब्ध है। बहुत समय के बाद जिलाधिकारी की टीम ने 3 प्राइवेट संस्थानों को सुविधा दी है।  नारायणा कालेज, एस.पी.एम. हास्पिटल और गुरू तेगबहादुर हास्पिटल, लेकिन  यह भी सब लेवल-1, लेवल-2 की सुविधा वाले हैं लेवल-3 के मरीजों को बहुत दिक्कत आ रही है। हम लोगों के कई अति प्रिय साथी लेवल 3 के इलाज के अभाव में काल के गाल में समा गए हैं।  कानपुर शहर के नामचीन हस्ती मौलाना ओसामा साहब जो शहर काजी भी थे। वो भी ढाई घंटे लेवल-3 हॉस्पिटल में बेड का इंतजार करते रहें।अतः हम लोग उनको बचा ना सके। स्थिति इतनी भयावह है, कि कानपुर के अंदर न सरकारी न प्राइवेट कोई बेड कहीं भी खाली नहीं है, वेंटीलेटर कहीं उपलब्ध नहीं है। आज मेडिकल कॉलेल से संबंधित आउट सोर्सिंग नर्सों ने हड़ताल करदी। उनका यह आरोप है कि उनको सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं,लगातार काम करना पड़ रहा है। यह भी ज्ञात होना चाहिए लेवल-3 का जो हॉस्पिटल है, चूंकि एक ही है, तो सारे गंभीर मरीज शहर के यहां तक की आसपास के कई जनपदों के कई मरीज हैलट रेफर किए जा रहे हैं। हैलट हॉस्पिटल में कोई वेंटीलेटर खाली नहीं है। स्टाफ व डॉक्टर की परेशानी यह है कि 22 मार्च से अब तक अनवरत काम करके वो भी मानसिक शारीरिक रूप से थक चुके हैं व टूट चुके हैं कहीं ना कहीं और चीजों को जोड़ने की आवश्यकता है।शहर की स्थिति यह है, कि कोई खास हो अगर उसको ईश्वर ना करें लेवल-3 हॉस्पिटल की जरूरत पड़ जाए, तो हम लोग उसकी कोई मदद करने की स्थिति में नहीं है, ना ही कोई सुझाव वा उपाय बता पा रहे हैं। इसलिए आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि आप सरकारी व्यवस्थाओं से जो मदद कर सकते हो तो करें परंतु कानपुर के अंदर अनेक बड़े प्राइवेट अस्पताल मौजूद हैं, जिन्होंने ठीक समय में लाखों ,करोड़ों रुपया कानपुर की जनता से ही कमाया है और आज जब खराब मौका आया है तो उन अस्पतालों को भी कानपुर की जनता की मदद इस त्रासदी में करनी चाहिए।

 

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