किसानों का योगदान अतुलनीय है जिसमें कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान की अहम भूमिका है- नरेन्द्र तोमर
कानपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान कानपुर, अटारी जोन 3 के निदेशक डॉ अतर सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 92वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वर्ष 2019-20 हेतु 20 विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत देश के 161 विजेताओं को पुरस्कार देने की घोषणा की।जिसमें तीन संस्थान, 14 कृषि विज्ञान केंद्र, 97 वैज्ञानिक, 30 किसान, 6 पत्रकार एवं 19 महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अटारी जोन 3 कानपुर के कार्यक्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र बस्ती को उत्कृष्ट केवीके का पुरस्कार दिया गया है केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों का योगदान अतुलनीय है जिसमें कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान की भी काफी अहम भूमिका है उन्होंने कहा इस समय दुनिया कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण असुविधाओ का सामना कर रही है। इसके बावजूद कृषि क्षेत्र संचालित है। जिसके लिए किसान भाई बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार को विकसित करना है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो उत्पादन एवं उत्पादकता की मौसम पर निर्भरता कैसे खत्म हो सकती है। इस विषय पर अधिक अनुसंधान करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है आत्मनिर्भर भारत में कृषि वैज्ञानिकों की काफी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि किसानों को एकीकृत फसल प्रणाली, पशु पालन,कुकुट पालन पर जागरूक करने की आवश्यकता है ।इस ऑनलाइन कार्यक्रम के अवसर पर कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला, आईसीआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा, सीएसए के कुलपति डॉ. डी आर सिंह सहित देश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल रहे।

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