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25/07/2020

संजीत यादव अपराहन के बाद मौत का खुलासा परिजनों का गुस्सा प्रशासन पर




यूपी के कानपुर में संजीत यादव अपहरण कांड में कानपुर एसएसपी ने 31 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा किया है. एसएसपी ने बताया कि संजीत यादव का मर्डर किया गया है. संजीत अपहरण मामले में गुरुवार सुबह से ही संजीत के मौत की आशंका जताई जा रही थी. एसएसपी ने गुरुवार देर रात खुलासा करते हुए संजीत के मर्डर का खुलासा किया. इस मामले में 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए हैं.


कानपुरमहानगर के बर्रा इलाके के पैथोलॉजी में लैब टेक्नीशियन का काम करने वाले संजीत यादव अपहरण कांड में अब तक की सबसे बड़ी बात सामने आई है. कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने खुलासा करते हुए बताया कि संजीत यादव का मर्डर हो गया है. गुरुवार सुबह से ही पुलिस अपहृत युवक की हत्या किए जाने की आशंका जता रही थी. वहीं इसकी खबर सुनकर परिजन आत्मदाह करने की बात कह रहे हैं. पीड़ित परिवार को गोविंद नगर थाना लाया गया है, जहां पीड़ित परिवार से बातचीत जारी है


कब क्या हुआ
22 जून की रात हॉस्पिटल से घर आने के दौरान संजीत का अपहरण हुआ।


23 जून को परिजनों ने जनता नगर चौकी में उसकी गुमशुदगी की तहरीर दी


26 जून को एसएसपी के आदेश पर राहुल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई.


 29 जून को अपहरणकर्ता ने संजीत के परिजनों को 30 लाख की फिरौती के लिए फोन किया.


 5 जुलाई को परिजनों ने शास्त्री चौक पर जाम लगाकर पुलिस पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया.


 12 जुलाई को एसपी साउथ कार्यालय में इस बाबत दोबारा प्रार्थना पत्र दिया गया.


 13 जुलाई को परिजनों ने फिरौती की रकम 30 लाख से भरा बैग गुजैनी पुल से नीचे फेंक दिया, लेकिन फिर भी संजीत नहीं आया


14 जुलाई को परिजनों ने एसएसपी और आईजी रेंज से शिकायत की, जिसके बाद संजीत को 4 दिन में बरामद करने का भरोसा दिया गया.


 16 जुलाई को बर्रा इंस्पेक्टर रंजीत राय को सस्पेंड कर सर्विलांस सेल प्रभारी हरमीत सिंह को चार्ज दे दिया गया।।


22 जुलाई को सुबह पुलिस ने संजीत के एक अन्य दोस्त को उठाया 23 जुलाई को छोड़ दिया।


23 जुलाई को परिवार से शाम तक मामले का खुलासा करने का दिया आवासन


23 जुलाई की रात होने के बाद पीड़ित परिवार को गुमराह करती रही पुलिस


23 जुलाई को मीडिया के द्वारा संजीत की हत्या की खबर सोसल मीडिया पर चलने के बाद पुलिस ने संजीत की हत्या की बात को कई घंटों तक घुमाया


देर रात एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने घटना की सभी को वीडियो के जरिये संजीत की हत्या की दी जानकारी


इस मामले में जांच में लारवाही बरतने के कारण पुलिस अधीक्षक ने पूर्व प्रभारी निरीक्षक थाना बर्रा रणजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश कुमार, उप निरीक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह, आरक्षी अवधेश, आरक्षित दिशु भारती, आरक्षी विनोद कुमार, आरक्षित सौरभ पांडे, आरक्षी मनीष आरक्षी शिवप्रताप को निलंबित कर दिया है. शासन द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी कानपुर नगर अपर्णा गुप्ता और क्षेत्राधिकारी मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है. अपर पुलिस महानिदेशक पीएचक्यू लखनऊ वीपी सिंह को कानपुर नगर पहुचंकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.


संजीत यादव अपहरण कांड में कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने देर रात एक वीडियो जारी करते हुए इस मामले में सनसनीखेज खुलासा किया. एसएसपी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने 26 से 27 जून के बीच में संजीत यादव का मर्डर किया है. इसकी आशंका गुरुवार सुबह से ही जताई जा रही थी. पुलिस पीड़ित परिवार को सुबह से ही मामले का खुलासा करने की बात कह रही थी. एसएसपी ने बताया कि कई टीमें गठित की गई थी. 29 जून को फिरौती की मांग की गई थी. मृतक के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक 26 से 27 जून के बीच ही मर्डर किया गया था और शव को नदी में फेंक दिया गया था.


यह भी बताया जा रहा है कि पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं को हिरासत में ले रखा है. बर्रा पुलिस फोर्स गुरुवार देर रात पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची, जिसको देखने के बाद पूरा मोहल्ला उतरा सड़कों पर उतर आया था. लोगों ने शोर शराबा करते हुआ पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार पर आरोप लगा रहे थे. इस दौरान संजीत की मां और बहन दोनों बेहोश भी हो गए. देर रात पीड़ित परिवार को गोविंद नगर थाना लाया गया है, जहां पीड़ित परिवार से बातचीत जारी है. अपहरण के 31 दिन बाद पुलिस ने हत्या का खुलासा किया है.


पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा विधायक
आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई और सीसामऊ विधायक इरफान सोलंकी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. सपा विधायकों ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है, वहीं ऐसा ना होने पर विधायकों ने पीड़ित परिवार के साथ धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी.


 


 


 


 


 


 


 


 


 


 


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