कानपुर। मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान का असर सोमवार भोर पहर दिखाई, रात में आए काले बादल सुबह चार बजे झूमकर बरसे। चार घंटे की भारी बारिश ने अबतक के रिकॉर्ड तोड़ दिए और शहर की सड़कें और गलियां पानी से लबालब हो गईं। वहीं उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश के बाद खुशगवार हुए मौसम ने राहत दी। हवा भी सामान्य से तेज रही और आसमान में काले बादल अभी छाए हुए हैं। मौसम विभाग अभी बारिश होने की संभावना जता रहा है।
मानूसन ने जून के आखिरी हफ्ते में दस्तक दे दी थी, पहले दिन और उसके दो तीन दिन बाद ठीक ठाक बरसात हुई। मौसम विभाग ने तीन जुलाई से तीन दिन तक बारिश होने के आसार जताए थे। लेकिन, कम वायु दाब का क्षेत्र कमजोर पड़ने की वजह से कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी ने असर दिखाया था। इसके चलते बारिश को लेकर मायूसी छाई थी लेकिन सोमवार की भोर पहर भारी बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सुबह चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश कई घंटे तक जारी रही। गरज चमक के साथ सामान्य से काफी तेज हवाएं चलती रहीं।\
हुआ शहर में जल भराओ
जोरदार बारिश के चलते रावतपुर तिराहा, कंपनी बाग चौराहा, नवाबगंज, विष्णुपुरी, कल्याणपुर, इंद्रा नगर, गोवा गार्डन, सिविल लाइंस, पी रोड समेत अन्य हिस्सों में जलभराव हो गया। दोपहिया और पैदल जाने वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तेज हवा और झमाझम बारिश से कई मोहल्लों में बिजली भी गुल रही। मौसम वैज्ञानिकों ने तीन दिन तक अच्छी खासी बारिश का अनुमान लगाया है, वहीं अधिकतम और न्यूनतम तापमान में काफी कमी आ गई।
मौजूदा सीजन की यह अब तक की सबसे ज्यादा बारिश हुई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने 157.4 मिलीमीटर से अधिक बारिश का आकलन किया है, जो अबतक की सर्वाधिक बरसात मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञ का कहाना है कि अभी सही स्थिति का आंकलन किया जा रहा है।
अगले 48 घंटे के दौरान मानसून की सबसे अधिक सक्रियता विदर्भ, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिमी बंगाल, कर्नाटक, केरल, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में रहेगी। बुधवार को बारिश कुछ कम हो सकती है, लेकिन मौसम सुहावना बना रहेगा। धूप निकल सकती, लेकिन नमी की वजह से तापमान ज्यादा नहीं होगा।

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