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05/07/2020

मूंग की बुवाई का सर्वोत्तम समय जुलाई के द्वितीय पखवाड़े से अगस्त के प्रथम सप्ताह तक सर्वोत्तम है-डॉ. सर्वेंद्र


कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डॉक्टर डी.आर. सिंह के निर्देश के क्रम में आज दिनांक 4 जुलाई को दलहन अनुभाग में अर्थ वनस्पति विद दलहन डॉक्टर सर्वेंद्र कुमार गुप्ता के साथ शोध कार्य कर रहे  वैज्ञानिक डॉ मनोज कटियार ने बताया कि मूंग की बुवाई सामान्यता प्रदेश के सभी जनपदों में की जाती है। किंतु इसका सबसे अधिक क्षेत्रफल झांसी, फतेहपुर, वाराणसी, उन्नाव,रायबरेली तथा प्रतापगढ़ जनपदों में है l डॉक्टर कटियार ने बताया कि खरीफ में मूंग की बुवाई का सर्वोत्तम समय जुलाई के द्वितीय पखवाड़े से अगस्त के प्रथम सप्ताह तक सर्वोत्तम है। उत्तर प्रदेश में खरीफ मूंग का क्षेत्रफल 0.51 लाख हेक्टेयर, उत्पादन 0.21 लाख मीट्रिक टन एवं उत्पादकता 4.24 कुंतल प्रति हेक्टेयर है। अगर कानपुर मंडल में दृष्टि डालें तो इसका क्षेत्रफल 12 से 39 हेक्टेयर तथा उत्पादन 488 मीट्रिक टन और उत्पादकता 3. 94 कुंतल प्रति हेक्टेयर है।  अभिजनक डॉ मनोज कटियार ने बताया कि कम समय में रोग रोधी एवं अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियां केएल 22 41 (श्वेता), पीडीएम 139( सम्राट), आईपीएम 205-7 (विराट), केएम 2195 ( स्वाति), शिखा एवं आईपीएम 02-3 की बुवाई करनी चाहिए। अर्थ वनस्पति विद दलहन के रूप में कार्यरत डॉ सर्वेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि खरीफ मौसम में उनकी अच्छी फसल के लिए जो दोमट एवं हल्की दोमट मिट्टी होनी चाहिए। जिसमें पानी का समुचित विकास हो इस फसल के लिए उत्तम होती हैं खेत को पलेवा करके 1-2 जुताइयाँ करने के पश्चात पाटा लगा कर खेत को तैयार कर लेना चाहिए। साथ ही डॉ गुप्ता ने बताया कि 12 से 15 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर आवश्यकता होती है तथा मूंग की बुवाई करते समय पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेंटीमीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 100 ग्राम मूंग में औसतन प्रोटीन 23 .86  ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 62.62 ग्राम, वसा 

1.15 ग्राम, कैल्शियम 132 मिलीग्राम, मैग्नीशियम 189 मिलीग्राम, फास्फोरस 367 मिलीग्राम एवं पोटेशियम 1246 मिलीग्राम पाया जाता है। डॉक्टर कटियार ने बताया कि मूंग की दाल शक्ति वर्धक होने के साथ इसका सेवन करने से ज्वर एवं आज की समस्या को दूर करता है एवं शरीर में कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है साथ ही अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल  को शरीर से हटाने में मदद मिलती है। अंकुरित होने के बाद इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व जैसे जैसे कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन एवं विटामिंस की मात्रा दोगुनी हो जाती है यही कारण है कि कोविड-19 में मनुष्य के अंदर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अंकुरित मूंग का सेवन अधिक लाभप्रद है। उन्होंने बताया कि मूंग में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं जो शरीर को बीमारियों से दूर रखता है।

 

 

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