कानपुर। 8 पुलिसकर्मियों के हत्या रोपी 50 हजार के इनामी गैंगगेस्टर विकास दुबे की तलाशी के लिए कई टीमें लगाई गई है सर्च अभियान लगातार जारी है। वहीं शासन के निर्देश पर पुलिस ने विकास दुबे के बिकरू स्थित आवास को गिराने का फैसला लिया है। भारी पुलिस फोर्स कई जेसीबी लेकर पहुंची और पिता रामकुमार दुबे को घर के बाहर निकालकर घर गिराने की प्रक्रिया शुरू की इसके साथ ही विकास दुबे की तलाश में पुलिस की 20 टीमें अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही हैं। इन सभी इलाकों में विकास के परिवार वाले रहते हैं। विकास दुबे के नेपाल भागने की भी आशंका के चलते लखीमपुर खीरी जिले की पुलिस भी अलर्ट पर है। लखीमपुर खीरी की एसपी पूनम ने बताया, नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट कर दिया गया है। यहां नेपाल से जुड़ी 120 किमी की सीमा है, चार थाने हैं, हर जगह फोटो चस्पा कर दी गई है। एसएसबी के अधिकारियों से बात हो गई है। जिले के बॉर्डर पर भी अलर्ट है और जांच की जा रही है।
जिस जेसीबी से रास्ते में अवरोध किया उसी से गिराया गया घर
बृहस्पतिवार की रात को विकास दुबे के घर बिकरू दबिश देने गई पुलिस टीम को जेसीबी खड़ी करके रास्ते में अवरोध पैदा किया गया था उसी जेसीबी से प्रशासन ने विकास दुबे का लगभग 2 बीघा मैं बना किले नुमा मकान खंडहर में तब्दील कर दिया इसके साथ साथ लाखों रुपए की गाड़ियां ट्रैक्टर मोटरसाइकिल को भी नहीं बख्शा और सबको जेबीसी से तोड़ दिया गया
आईजी मोहित अग्रवाल का कहना है कि विकास और उसके गुर्गों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। बहुत जल्द वह पुलिस के हाथों में होगा।हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके शूटर गैंग ने जिस तरह से जघन्य हत्याकांड को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया, उसने पुलिस विभाग की गोपनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि पुलिस महकमे के ही किसी भेदिए ने चौबेपुर थाने से फोर्स के चलने और गांव पहुंचने तक पल-पल की मूवमेंट की जानकारी विकास दुबे को दी थी।

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