कानपुर। आठ पुलिसकर्मियों के हत्यारे और गैंगस्टर विकास दुबे को बिकरु एनकाउंटर के आठवें दिन मार गिराया गया है. यूपी पुलिस की टीम उसे उज्जैन से कानपुर लेकर आई थी, लेकिन कार पलटने के बाद उसने भागने की कोशिश की. इसी दौरान एनकाउंटर में पुलिस ने उस पर गोली चलाई और विकास दुबे की मौत हो गई. विकास दुबे से पहले उसके गैंग के 5 गुर्गों को भी पुलिस एनकाउंटर में मार चुकी है. विकास के गैंग के चार गुर्गे अभी पुलिस की गिरफ्त में है.
कब-कब पुलिस ने की कार्रवाई
2 जून की रात विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडे और चचेरे भाई अतुल दुबे को पुलिस ने कानपुर एनकाउंटर में ही मार डाला था. इसके बाद बुधवार सुबह हमीरपुर एनकाउंटर में विकास दुबे का दाहिना हाथ माने जाने वाले अमर दुबे को मार गिराया। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में अमर दुबे का भी बड़ा हाथ था। इसके बाद गुरुवार को विकास के साथी प्रभात को कानपुर के पनकी और बबुआ दुबे उर्फ प्रवीण को इटावा में एनकाउंटर में ढेर कर दिया। इस तरह विकास समेत छह लोगों को पुलिस ने ढेर कर दिया।
विकास दुबे के सरेंडर से लेकर कानपुर में एनकाउंटर तक क्या-क्या हुआ।
विकास दुबे के दो करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री और श्यामू बाजपेयी को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था. गुरुवार को विकास दुबे के साथ उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार किया गया था. इस तरह कानपुर एनकाउंटर के चार आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त में है।
- विकास दुबे कैसे गिरफ्तार हुआ था
विकास दुबे गुरुवार की सुबह करीब 8 बजे महाकाल मंदिर दर्शन करने पहुंचा था। उसने सुरक्षाकर्मियों को अपने बारे में बताया और उनसे पुलिस को सूचना देने के लिए कहा एक वायरल हुए फोटो में, दुबे को मंदिर परिसर के अंदर एक सोफा में आराम से बैठे देखा भी गया। इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस उसे थाने ले गई. रास्ते में उसने पुलिस को अपनी हेकड़ी भी दिखाई. विकास दुबे को जब पुलिस ने पकड़ा तो चिल्लाते हुए उसने कहा 'मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला'
गैंगस्टर दुबे पर आरोप है कि पिछले शुक्रवार को उसने उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही विकास दुबे कानपुर पुलिस के लिए मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में शुमार था। दुबे इस नरसंहार का एक नामजद आरोपी था।

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