कानपुर। जिले के हिस्ट्रीशीटर शातिर बदमाश विकास दुबे को उसके गांव बिकरू से पकड़ने गई पुलिस टीम पर आधी रात के बाद बदमाशों ने घरों की छत से गोलियां बरसाकर सीओ (बिल्हौर) देवेंद्र मिश्रा, एसओ (शिवराजपुर) महेश यादव, चौकी इंचार्ज (मंधना) अनूप कुमार, उप निरीक्षक नेबूलाल तथा कांस्टेबल सुल्तान सिंह, राहुल, जितेंद्र व बबलू को मौत के घाट उतार दिया। यूपी में पुलिस पर हुए अब तक के बड़े हमले में 5 पुलिस कर्मी व एक होमगार्ड तथा एक गांव वाला गोलियां लगने से घायल हो गया है, जिन्हे रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक साथ आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की खबर से राज्य सरकार एवं पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की विस्तृत जानकारी के लिए प्रदेश के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी को तलब किया है।
तीन जिलों की पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी
लखनऊ से अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार एवं आईजी एसटीएफ मौके पर पहुंच गए हैं तथा लखनऊ से फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्षय जुटा रही है। बदमाशों की धरपकड़ के लिए तीन जिलों की पुलिस के साथ पीएसी को भी लगाया गया है, जो आसपास के गांव में कंम्बिग कर रही है, घटनास्थल के आसपास के 500 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया गया है। इस बीच पुलिस ने घटनास्थल के पास के गांव में बदमाशों को घेर लिया तथा मुठभेड़ में बिकास दुबे के दो साथियों को ढेर कर दिया, जिनमें से एक की विकास दुबे के चचेरे भाई अतुल दुबे के रुप में शिनाख्त हुई है। मारे गए दूसरे बदमाश की शिनाख्त बिकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय के रुप में हुई है। एक बदमाश की गिरफ्तारी की भी खबर है तथा यह भी खबर है कि मुठभेड़ में 3 बदमाशों के घायल होने की भी खबर है, पर इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुठभेड़ स्थल से शहीद पुलिसकर्मियों की एक पिस्टल व अन्य असलहे भी मारे गए बदमाशों के कब्जे से बरामद हुए हैं।
जेसीबी लगाकर रोका गया था पुलिस का रास्ता
हिस्ट्रीशीटर बिकास दुबे के विरुद्ध एक व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दिए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, इसी मामले में बिकास दुबे को पकड़ने के लिए रात पुलिस टीम सीओ के नेतृत्व में गई थी। पुलिस का रास्ता जेसीबी लगाकर रोका गया जब पुलिस टीम वाहनों से उतरकर पैदल ही बिकास दुबे के घर की ओर बढ़ी तो छत पर घात लगाए बैठे बिकास दुबे व उसके साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर सीओ सहित आठ पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतार दिया। कहा जा रहा है कि बदमाशों ने करीब सौ राउंड फायरिंग कर पूरे इलाके को दहला दिया।
2003 में थाने में घुसकर कर दी थी राज्य मंत्री की हत्या
पुलिस रिकार्ड के अनुसार बिकास दुबे के विरुद्ध 60 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी मांगना आदि के मामले हैं। बिकास दुबे इतना निडर अपराधी है कि उसने वर्ष 2003 में थाने के अंदर घुसकर राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। एडीजी जयनारायण सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएससी दिनेश कुमार पी समेत सभी बड़े पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, फोर्स ने गांव को चारों ओर से घेर लिया है। हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू का रहने वाला है। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों के बिकरु गांव में घर पर होने की सूचना मिली थी, इस पर आधी रात के बाद सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में कई थानों का पुलिस फोर्स दबिश डालने पहुंची थी। -पुलिस टीम पर बडा हमला, सीओ सहित 8 पुलिसकर्मी हुए शहीद
दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशो ने बरसाई गोलियां
कानपुर।चैबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में दबिश देने के लिए पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशो ने ताबड-तोड गोलिया बरसाई। अचानक हुए इस हमले में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहदी हो गये। घटना की पुष्टि एडीजी जय नारायण सिंह ने की है। पुलिस शातिर बदमाश विबास दुबे को पकडने गयी थी। शहीद हुए पुलिसकर्मियों में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव भी है। जानकारी के अनुसार गुरूवार की रात लगभग 12 बजे चैबेपुर पुलिस तथा बिठूर पुलिस ने संयुक्त रूप से शातिर अपराधी विकास दुबे के गांव बिरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके कई साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। उन्होने घर के अंदर तथा दत से गोली चलाई। फायरिंग में एसओ बिठूर तथा एक दरोगा सहित सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, सिपाही शिवमूरत, दरोगा प्रभाकर पांडेय, होमगाड जयराम पटेल सहित अन्य पुलिस कर्मियों को गोली लगी। सेंगर और शिवमूरत को पेट में गोली लगी और दोनो की हालत गंभीर है। कई सिपाहियों को गंभीर अवस्था में रिजेंसी में भर्ती कराया गया वहीं कई थानो की फोर्स गांव पहुंची। सूत्रों की माने तो बदमाषो को पुलिस द्वारा दी जाने वाली दबिश की भनक पहले ही लग चुकी थी और उन्होने पुलिस टीम पर हमले की तैयारी कर ली थी। अचानक हुए हमले में पुलिस टीम को संभलने का अवसर नही मिला और 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गये। बताया जाता है कि इस वर्ष होली में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और गांव के बीनू तिवारी के बीच भि।डत हो गयी थी और दानो पक्षों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई थी, जिसके बाद पुसिल ने दोनो पक्षो की तहरीर पर मुकदमें दर्ज किये थे। इस घटना में विकास दुबे फारार हो गये थे वहीं अन्य मामलों में पुलिस वांछित विकास दुबे की तलाश कर रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी पिंटू हत्याकांड में शामिल शूटर भी विकास दुबे के घर पनाह लिए हुए थे और इसी सूचना पर बिठूर व चैबेपुर तथा शिवराजपुर थानो की फोर्स सहित बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा रात में दबिश डालने गांव गये थे। विकास दुबे पर 60 आपराधिक मुकदमें दर्ज है और हाल ही में विकास ने एक मर्डर किया।

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