कानपुर में 6 अप्रैल से 'फार्मर रजिस्ट्री' का महाअभियान, 29% किसानों के पास अभी भी नहीं है 'किसान आईडी'
कानपुर, 3 अप्रैल: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों को बिचौलियों से बचाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों तक पहुँचाने के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' (किसान आईडी) अभियान को अब और तेज़ करने जा रही है। कानपुर जिले में अभी भी लगभग 29 प्रतिशत किसान ऐसे हैं जिन्होंने अपनी रजिस्ट्री नहीं कराई है। इन किसानों को जागरूक करने और मौके पर ही पंजीकरण करने के लिए 6 अप्रैल से 31 मई तक एक वृहद अभियान चलाया जाएगा।
क्यों ज़रूरी है 'किसान आईडी' (फार्मर रजिस्ट्री)?
जैसे हर नागरिक के पास 'आधार कार्ड' होता है, वैसे ही हर किसान के लिए 'किसान आईडी' तैयार की जा रही है। इसमें किसान का नाम, उसके खेत का खसरा-खतौनी नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज होता है।
- सरकारी खरीद: बिना फार्मर रजिस्ट्री के अब किसान सरकारी केंद्रों पर अपना अनाज नहीं बेच पाएंगे।
- सीधे लाभ: पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि सब्सिडी और केसीसी का पैसा सीधे खाते में आएगा।
- पारदर्शिता: बिचौलियों का खेल खत्म होगा और किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
अभियान का लक्ष्य और तैयारी
कानपुर जनपद में कुल 2,41,877 किसान पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं। इनमें से अब तक 1,73,580 किसानों (71.76%) की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। बाकी बचे हुए किसानों के लिए सरकार ने विशेष टीमें गठित की हैं। इस टीम में पंचायत सहायक, लेखपाल और कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) शामिल रहेंगे, जो गांव-गांव जाकर कैंप लगाएंगे।
अधिकारियों के बयान (Official Quotes)
"जिले में 6 अप्रैल से विशेष कैंप लगाकर छूटे हुए किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जाएगी। 31 मई तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य हर पात्र किसान को डिजिटल डेटाबेस से जोड़ना है। किसान भाई जल्द से जल्द अपनी आईडी बनवा लें।"
— आर.पी. कुशवाहा, भूमि संरक्षण अधिकारी, कानपुर
"किसान आईडी को शत-प्रतिशत पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। 6 अप्रैल से पंचायत सहायक, लेखपाल और कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर मौके पर ही पंजीकरण करेंगी। सभी किसान 31 मई तक अपनी आईडी अवश्य बनवा लें।"
— जितेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर नगर
पंजीकरण के लिए ज़रूरी दस्तावेज
किसान भाई पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- खतौनी की नकल
पंजीकरण सरकारी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन, नजदीकी जन सेवा केंद्र या गांव में लगने वाले विशेष कैंप में कराया जा सकता है।


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