जौनपुर में बवाल: अखिलेश यादव के विवादित पोस्टरों से भड़के सपाई, सत्ता पक्ष पर साजिश का आरोप, पुलिस ने आनन-फानन में हटवाई होर्डिंग्स - NINE ONE TIMES

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08/04/2026

जौनपुर में बवाल: अखिलेश यादव के विवादित पोस्टरों से भड़के सपाई, सत्ता पक्ष पर साजिश का आरोप, पुलिस ने आनन-फानन में हटवाई होर्डिंग्स

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सपा जिलाध्यक्ष का बड़ा आरोप: "सत्ता के संरक्षण में रची गई साजिश"

जौनपुर पुलिस ने हटाए अखिलेश यादव के विवादित पोस्टर: सिपाही पुलिस चौकी और मड़ियाहूं में तनाव, सपा की शिकायत, 9वन टाइम्स अपडेट


HOT NEWS पोस्टर विवाद की मुख्य बातें:

  • बड़ा तनाव: जौनपुर के चार थाना क्षेत्रों में सपा मुखिया के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टर।
  • पुलिस एक्शन: बवाल बढ़ता देख कोतवाली, नेवढि़या, रामपुर और मड़ियाहूं पुलिस ने हटवाए पोस्टर।
  • सपा का आरोप: जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने इसे सत्ता संरक्षित साजिश करार दिया।
  • कार्रवाई की मांग: सपाइयों ने थानों में दी तहरीर, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी से शिकायत।
जौनपुर।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बुधवार को उस समय सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब शहर के अलग-अलग हिस्सों और ग्रामीण इलाकों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विवादित और आपत्तिजनक पोस्टर दिखाई दिए। इन पोस्टरों और होर्डिंग्स की खबर जैसे ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को मिली, पूरे जिले में उबाल आ गया। आनन-फानन में पुलिस बल को सक्रिय होना पड़ा और तनाव बढ़ता देख विवादित सामग्री को हटाया गया।

इन चार थानों के इलाकों में फैलाई गई 'सियासी आग'

​जानकारी के अनुसार, शरारती तत्वों ने सोची-समझी साजिश के तहत जिले के चार प्रमुख थाना क्षेत्रों को निशाना बनाया। शहर कोतवाली के सिपाही पुलिस चौकी के ठीक सामने बिजली के पोल पर होर्डिंग्स टांगी गईं। इसके अलावा नेवढि़या, रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर तिराहे और मड़ियाहूं क्षेत्र के सत्ती माता तिराहे व शिवपुर गांव की दीवारों पर ये विवादित पोस्टर चिपकाए गए थे। सुबह जब स्थानीय लोगों और सपा कार्यकर्ताओं ने इन पोस्टरों को देखा, तो वे भड़क उठे।

मड़ियाहूं में सपा कार्यकर्ताओं का भारी विरोध

​मड़ियाहूं क्षेत्र में विवादित पोस्टर देख सपा नेता राजवीर यादव अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवादित पोस्टर को दीवार से हटवाया। सपाइयों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से जिले की शांति भंग करने और उनके नेता की छवि खराब करने की कोशिश है।

सत्ता पक्ष पर साजिश का आरोप: "बिना संरक्षण संभव नहीं"

​इस प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसकी घोर निंदा करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर विपक्ष की साजिश है। मौर्य ने आशंका जताई कि इस तरह की हरकत करने वालों को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है, वरना पुलिस की नाक के नीचे ऐसी होर्डिंग्स लगाना संभव नहीं है। सपा नेताओं ने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) से भी इस मामले की शिकायत की है और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।

पुलिस की मुस्तैदी और आगामी कार्रवाई

​विवाद बढ़ता देख पुलिस प्रशासन ने सभी चिन्हित स्थानों से होर्डिंग्स और पोस्टरों को जब्त कर लिया है। संबंधित थानों में सपा कार्यकर्ताओं द्वारा लिखित तहरीर दी गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रात के अंधेरे में या सुबह-सुबह ये पोस्टर किसने लगाए। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीमें गश्त कर रही हैं।

निष्कर्ष: चुनाव से पहले बढ़ती तल्खी

​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, प्रदेश में जुबानी जंग के साथ-साथ 'पोस्टर वॉर' भी तेज होता जा रहा है। जौनपुर की यह घटना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमा सकती है। '9वन टाइम्स' जौनपुर की जनता से अपील करता है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या पोस्टर देखकर कानून को हाथ में न लें और प्रशासन का सहयोग करें।


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