रिंग रोड के पास अवैध झुग्गी बस्ती में मची तबाही; दमकल की 22 गाड़ियां लगीं, कुछ बच्चों के लापता होने की खबर से हड़कंप
BIG BREAKING
हादसे की भयावहता:
- नुकसान: रिंग रोड किनारे बसी करीब 1200 झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख।
- धमाके: बस्ती में रखे लगभग 100 एलपीजी सिलेंडर बम की तरह फटे, जिससे पूरा इलाका दहल गया।
- लापता: किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ बच्चे गायब हैं।
- राहत कार्य: दमकल की 22 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं; 250 लोगों को नाइट शेल्टर में शिफ्ट किया गया।
BIG BREAKING हादसे की भयावहता:
- नुकसान: रिंग रोड किनारे बसी करीब 1200 झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख।
- धमाके: बस्ती में रखे लगभग 100 एलपीजी सिलेंडर बम की तरह फटे, जिससे पूरा इलाका दहल गया।
- लापता: किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ बच्चे गायब हैं।
- राहत कार्य: दमकल की 22 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं; 250 लोगों को नाइट शेल्टर में शिफ्ट किया गया।
लखनऊ। राजधानी के विकास नगर सेक्टर-12 में बुधवार शाम आग ने ऐसा तांडव मचाया कि देखते ही देखते करीब 1200 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। रिंग रोड के किनारे तीन बीघे में बसी अवैध झुग्गी बस्ती में लगी आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। इस हादसे में बस्ती के भीतर रखे लगभग 100 एलपीजी सिलेंडर एक के बाद एक पटाखों की तरह फटने लगे, जिससे रिंग रोड पर हड़कंप मच गया।
मस्जिद के ढांचे से शुरू हुई आग, 100 सिलेंडर फटे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत बस्ती में बने एक अस्थायी मस्जिद जैसे ढांचे से हुई। तेज हवाओं के कारण लपटों ने विकराल रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र को चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आते ही झुग्गियों में रखे घरेलू सिलेंडरों में ब्लास्ट होने लगा। इन धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के 30 पक्के घरों को सुरक्षा के लिहाज से खाली कराया गया। रिंग रोड पर यातायात घंटों तक ठप रहा।
मदद के लिए पहुंचे डिप्टी सीएम, दिए जांच के आदेश
हादसे की सूचना मिलते ही उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और जिलाधिकारी विशाख जी ने घटनास्थल का दौरा किया। डिप्टी सीएम ने इसे बेहद दुखद बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल चिकित्सा, भोजन और अस्थायी आश्रय (नाइट शेल्टर) उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान में लगभग 250 लोगों को नगर निगम के शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है।
बच्चों की तलाश जारी, पशुओं की भी जलने की खबर
हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी व्यक्ति की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन बस्ती के लोगों में चीख-पुकार मची है। कई माता-पिता का आरोप है कि भगदड़ के दौरान उनके बच्चे लापता हो गए हैं, जिनकी पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तलाश कर रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, करीब 50 पालतू पशुओं के भी इस आग में जलने की आशंका जताई जा रही है।
दमकल विभाग की चुनौती
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में 22 दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद रात 10 बजे तक आग पर काबू पाया। डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडे ने बताया कि आग को रिहायशी इलाकों तक फैलने से रोक लिया गया है, लेकिन झुग्गियों के बीच रखे सिलेंडरों के फटने की वजह से फायर फाइटर्स के लिए काफी जोखिम पैदा हो गया था। फिलहाल राजस्व टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं।



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