कानपुर: मनरेगा में 20 लाख का घोटाला, DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने 4 संविदाकर्मियों को किया बर्खास्त; बिल्हौर के सेबसू में हुई थी बड़ी हेराफेरी - NINE ONE TIMES

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10/04/2026

कानपुर: मनरेगा में 20 लाख का घोटाला, DM जितेंद्र प्रताप सिंह ने 4 संविदाकर्मियों को किया बर्खास्त; बिल्हौर के सेबसू में हुई थी बड़ी हेराफेरी

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बिना काम कराए भुगतान और नियमों की अनदेखी: 20 लाख से ज्यादा का गबन

डीएम का हंटर: मनरेगा घोटाले में 4 कर्मचारी बर्खास्त, 20 लाख की वसूली का आदेश!'. 9वन टाइम्स'


BIG ACTION कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

  • बड़ी कार्रवाई: 20.58 लाख की वित्तीय अनियमितता पर 4 संविदाकर्मी बर्खास्त।
  • बर्खास्त कर्मी: प्रीति अग्निहोत्री, दीप सिंह (APO) और इन्द्र कुमार, प्रमोद कुमार (TA)।
  • मामला: बिल्हौर की सेबसू पंचायत में 2022 से 2025 के बीच हुआ था भ्रष्टाचार।
  • वसूली: अनियमित व्यय की गई धनराशि की वसूली के आदेश भी जारी।
कानपुर।

भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कानपुर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक बड़ा फैसला लिया है। बिल्हौर विकास खंड की ग्राम पंचायत सेबसू में मनरेगा कार्यों में करीब 20.58 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद, डीएम ने दो अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों (APO) और दो तकनीकी सहायकों (TA) की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त (बर्खास्त) कर दी हैं।

जांच समिति ने पकड़ी 20 लाख की धांधली

​मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दीक्षा जैन के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने वर्ष 2022-23 से 2024-25 की अवधि के दौरान ग्राम पंचायत सेबसू में कराए गए मनरेगा कार्यों और उनके भुगतान अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच की। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किया गया और पत्रावलियों का समुचित परीक्षण भी नहीं किया गया। कुल 20,58,000 रुपये की ऐसी धनराशि मिली जो बिना सही प्रक्रिया के खर्च की गई थी।

इन पर गिरी गाज: संविदाकर्मी हुए बर्खास्त

​जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर डीएम ने निम्नलिखित संविदाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया है:

  1. प्रीति अग्निहोत्री (अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी)
  2. दीप सिंह (अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी)
  3. इन्द्र कुमार (तकनीकी सहायक)
  4. प्रमोद कुमार (तकनीकी सहायक)

​इन सभी पर मनरेगा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर शिथिलता बरतने का आरोप सिद्ध हुआ है। समिति ने पाया कि इनके द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं थे।

वसूली और नोटिस: लपेटे में आए आला अधिकारी

​डीएम ने केवल बर्खास्तगी ही नहीं की है, बल्कि अनियमित रूप से खर्च की गई सरकारी धनराशि की वसूली के आदेश भी दिए हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शिशिर कुमार को कड़ी चेतावनी दी गई है। वहीं, उस अवधि में तैनात लेखाकार और खंड विकास अधिकारी (BDO) को उनके पर्यवेक्षणीय दायित्वों में लापरवाही बरतने पर 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है।

जवाबदेही होगी तय: CDO दीक्षा जैन

​CDO दीक्षा जैन ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि भविष्य में भी किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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