ग्राम दूल का अजीबोगरीब मामला: मां की गुहार पर गांव पहुंची पुलिस और राजस्व टीम; ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कराया सुलह, चौकी प्रभारी को दिए निगरानी के निर्देश
भावुक खबर प्रकरण के मुख्य बिंदु:
- शिकायत: 76 वर्षीय सरस्वती ने जिलाधिकारी से बेटी प्रेमशान्ती द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत की।
- त्वरित एक्शन: डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह गांव पहुंचे।
- सुलह: राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में मां-बेटी के बीच कराया गया समझौता।
- निगरानी: चौकी प्रभारी और लेखपाल को समय-समय पर हालचाल लेने के सख्त निर्देश।
कानपुर नगर। आमतौर पर जनता दर्शन में बुजुर्ग मां-बाप अपने बेटे या बहू की शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन तहसील सदर के ग्राम दूल से आए एक मामले ने सभी को चौंका दिया। यहां एक 76 वर्षीय वृद्धा अपनी ही बेटी के व्यवहार से इस कदर टूट गईं कि उन्होंने जिलाधिकारी से उसे घर से निकलवाने की गुहार लगा दी।
जनता दर्शन में छलका मां का दर्द
9 अप्रैल को कलेक्ट्रेट स्थित जनता दर्शन में पहुंची सरस्वती ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को अपना प्रार्थना पत्र सौंपते हुए रोते हुए बताया कि उनकी बेटी प्रेमशान्ती उनके साथ आए दिन दुर्व्यवहार करती है। वृद्धा का आरोप था कि जिस बेटी को उन्होंने मुश्किल समय में सहारा दिया, उसी ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। मां ने कड़े लहजे में मांग की कि बेटी से उनका घर खाली कराया जाए ताकि वे शांति से रह सकें।
गांव पहुंची भारी प्रशासनिक टीम
मामले की गंभीरता और वृद्धा की असहाय स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह भारी पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ ग्राम दूल पहुंच गए। मौके पर नायब तहसीलदार सचेण्डी और थानाध्यक्ष सचेण्डी भी मौजूद रहे। गांव के संभ्रांत लोगों के बीच मां-बेटी को आमने-सामने बैठाया गया।
बेटी ने रखा अपना पक्ष
पूछताछ में बेटी प्रेमशान्ती ने बताया कि ससुराल में प्रताड़ना के बाद वह अपनी बेटी के साथ मायके आई थी। उसने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह अपनी बेटी की शादी के बाद ससुराल लौट जाएगी। ग्रामीणों ने भी पुष्टि की कि दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है।
अधिकारियों ने कराया समझौता
काफी देर तक चली काउंसलिंग और बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह ने मां-बेटी को रिश्तों की मर्यादा का पाठ पढ़ाया और फिलहाल एक अस्थायी सहमति बन गई है। अधिकारियों ने स्थानीय लेखपाल और चौकी प्रभारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे लगातार इस घर पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि बुजुर्ग महिला को दोबारा किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।


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