CSJMU Admission 2026-27: संगीत विभाग में प्रवेश शुरू, वायलिन-सितार और साउंड इंजीनियरिंग जैसे नए कोर्स में करियर का मौका | NINE ONE TIMES - NINE ONE TIMES

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06/04/2026

CSJMU Admission 2026-27: संगीत विभाग में प्रवेश शुरू, वायलिन-सितार और साउंड इंजीनियरिंग जैसे नए कोर्स में करियर का मौका | NINE ONE TIMES

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कानपुर: CSJMU के संगीत विभाग में 'मिशन एडमिशन' का आगाज, पारंपरिक रागों के साथ अब गूंजेगी साउंड इंजीनियरिंग की धमक

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LIVE प्रवेश प्रक्रिया: मुख्य हाईलाइट्स

  • नए कोर्सेज: वायलिन, सितार में बीपीए और साउंड इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत।
  • सीटों का विवरण: वायलिन-सितार में 10-10 और साउंड इंजीनियरिंग में केवल 10 सीटें निर्धारित।
  • चयन प्रक्रिया: सभी पाठ्यक्रमों में मेरिट के आधार पर किया जाएगा दाखिला।
  • फीस संरचना: बीपीए के लिए लगभग 16,000 और एमए/एमपीए के लिए 10 से 13 हजार रुपये वार्षिक शुल्क।

कानपुर नगर: सुरों और ताल के क्षेत्र में भविष्य संवारने के इच्छुक युवाओं के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने अपने द्वार खोल दिए हैं। विश्वविद्यालय के 'अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स' के अंतर्गत संगीत विभाग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।

​इस बार विभाग ने अपने पाठ्यक्रमों में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए पारंपरिक संगीत शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश किया है, जिससे विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

नए कोर्सेज और सीटों का विवरण

​विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि गोरे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सत्र से कई नए विषयों को जोड़ा गया है:

  • वायलिन और सितार: स्नातक स्तर (BPA) पर अब वायलिन और सितार की भी पढ़ाई होगी। इन दोनों विषयों में 10-10 सीटें निर्धारित की गई हैं।
  • साउंड इंजीनियरिंग: संगीत जगत की आधुनिक मांग को देखते हुए 'ध्वनि रिकॉर्डिंग एवं इंजीनियरिंग' में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। इसमें मात्र 10 सीटें हैं, जहाँ छात्रों को डिजिटल सॉफ्टवेयर और ऑडियो उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • पारंपरिक पाठ्यक्रम: तबला वादन, गायन, कथक और थिएटर जैसे विषयों में 20 से 25 सीटें उपलब्ध हैं।

फीस संरचना और पात्रता (Fee Structure)

​विश्वविद्यालय ने इन कोर्सेज की फीस को बेहद किफायती रखा है ताकि प्रतिभाशाली छात्र आसानी से प्रवेश ले सकें:

  • स्नातक (BPA): तीन वर्षीय इस कोर्स की वार्षिक फीस लगभग 16,000 रुपये है। (पात्रता: 10+2 उत्तीर्ण)
  • स्नातकोत्तर (MA/MPA): दो वर्षीय इन पाठ्यक्रमों की फीस 10,000 से 13,000 रुपये प्रति वर्ष के बीच है। (पात्रता: संबंधित विषय में स्नातक)
  • साउंड इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट: इसकी वार्षिक फीस 15,200 रुपये निर्धारित की गई है।

करियर की असीम संभावनाएं

​संगीत विभाग की शिक्षण पद्धति केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। यहाँ छात्रों को मंचीय प्रस्तुति, मूट कोर्ट की तर्ज पर रियाज़ और शोध कार्य के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाता है। इन कोर्सेज को पूरा करने के बाद छात्र निम्नलिखित क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं:

  1. शिक्षण एवं शोध: स्कूलों और विश्वविद्यालयों में संगीत शिक्षक।
  2. मीडिया: आकाशवाणी, दूरदर्शन और निजी एफएम चैनलों में अवसर।
  3. मनोरंजन उद्योग: फिल्म, डिजिटल मीडिया और म्यूजिक स्टूडियो में साउंड इंजीनियर और कलाकार के रूप में।
  4. स्वतंत्र कलाकार: मंचीय प्रस्तुतियाँ और निजी कोचिंग।

🎓 शिक्षण एवं शोध (Career & Research)

इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के लिए करियर के असीम अवसर उपलब्ध होंगे:

  • शिक्षण: विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में संगीत शिक्षक के रूप में अवसर।
  • मंचीय प्रस्तुति: देश-विदेश के बड़े मंचों पर प्रदर्शन की संभावनाएं।
  • स्टूडियो कार्य: साउंड इंजीनियरिंग और डिजिटल रिकॉर्डिंग में विशेषज्ञता।
  • मीडिया: फिल्म, आकाशवाणी (AIR) और दूरदर्शन जैसे क्षेत्रों में करियर।

प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)

​डॉ. रश्मि गोरे ने स्पष्ट किया कि सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश पूर्णतः मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट या सीधे संगीत विभाग, स्कूल ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स से संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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