CSJMU: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का कड़ा निर्देश- महाविद्यालयों में रिक्त पद जल्द भरें, नैक और NIRF रैंकिंग सुधारें | NINE ONE TIMES - NINE ONE TIMES

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06/04/2026

CSJMU: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का कड़ा निर्देश- महाविद्यालयों में रिक्त पद जल्द भरें, नैक और NIRF रैंकिंग सुधारें | NINE ONE TIMES

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लखनऊ: उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने CSJMU से संबद्ध कॉलेजों को दी 'डेडलाइन'

Governor Anandiben Patel chairing meeting with CSJMU Kanpur college principals Lucknow Nine One Times



UPDATE राज्यपाल की बैठक: बड़ी बातें

  • नामांकन वृद्धि: शिक्षकों को गांवों में जाकर छात्रों को जागरूक करने के निर्देश।
  • शिक्षक प्रबंधन: रिक्त पद भरने और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (Adjustment) पर जोर।
  • डेडलाइन: जून-जुलाई तक सभी दीक्षांत समारोह संपन्न करने का लक्ष्य।
  • रैंकिंग: कॉलेजों को नैक (NAAC) मूल्यांकन में अनिवार्य रूप से शामिल होने को कहा।

लखनऊ/कानपुर, 06 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों पर लाने के लिए कमर कस ली है। सोमवार को जनभवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर से संबद्ध राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

नामांकन की कमी पर जताई चिंता, 'गांव-गांव जाओ' का मंत्र

​बैठक के दौरान राज्यपाल ने महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देश दिया कि केवल दफ्तर में बैठने से काम नहीं चलेगा।

  • जागरूकता अभियान: प्राचार्य और शिक्षक स्वयं गांवों और इंटर कॉलेजों में जाएं।
  • अभिभावक संवाद: अभिभावकों को उच्च शिक्षा के महत्व और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताएं ताकि नामांकन बढ़ाया जा सके।

रिक्त पदों को भरने और शिक्षकों के समायोजन के निर्देश

​कुलाधिपति ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  1. ऑनलाइन क्लास: जहाँ शिक्षकों की कमी है, वहां विश्वविद्यालय के समन्वय से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन हो।
  2. टीचर एडजस्टमेंट: जिन कॉलेजों में शिक्षक ज्यादा हैं और छात्र कम, वहां से शिक्षकों को उन कॉलेजों में भेजा जाए जहाँ छात्रों की संख्या अधिक है।
  3. समयबद्ध भर्ती: महाविद्यालयों में रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

जून-जुलाई तक दीक्षांत समारोह संपन्न करने का लक्ष्य

​राज्यपाल ने शैक्षणिक कैलेंडर को नियमित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित हों और जून-जुलाई 2026 तक सभी विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह अनिवार्य रूप से संपन्न करा लिए जाएं। उन्होंने 'टाइम-टेबल' का कड़ाई से पालन करने और प्रायोगिक परीक्षाओं को भी समय पर खत्म करने की हिदायत दी।

नैक (NAAC) और एनआईआरएफ (NIRF) पर फोकस

​उच्च शिक्षा की रैंकिंग सुधारने के लिए राज्यपाल ने सभी महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए सीएसआर (CSR) और एलुमनाई (पूर्व छात्र) का सहयोग लिया जाना चाहिए।

चरित्र निर्माण और सामाजिक सरोकार

​राज्यपाल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं शिक्षा के लिए कई किलोमीटर पैदल चलती थीं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और 'खेलो इंडिया' जैसी रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ें।

उच्च शिक्षा मंत्री ने दिया समाधान का आश्वासन

​इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने राज्यपाल के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि महाविद्यालयों की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कर एक विशेष समिति के माध्यम से सभी दिक्कतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।

​बैठक में विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, कुलपति प्रो. विनय पाठक और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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