कानपुर देहात: टास्कफोर्स की बड़ी कार्रवाई, मानक से अधिक मिट्टी खनन करने पर लगा 3 लाख से ज्यादा का जुर्माना
ACTION अवैध खनन पर प्रहार: मुख्य बिंदु
- • बड़ी कार्रवाई: 5,208 घनमीटर अतिरिक्त मिट्टी के अवैध खनन पर लगा ₹3.10 लाख का जुर्माना।
- • मानकों का उल्लंघन: अनुज्ञाधारक ने निर्धारित गहराई से ज्यादा खुदाई कर नियमों को ताक पर रखा।
- • राजस्व में उछाल: कानपुर देहात ने पिछले वर्ष के मुकाबले ₹632 लाख अधिक राजस्व प्राप्त किया।
- • सतर्क टास्कफोर्स: DM कपिल सिंह के निर्देश पर अवैध परिवहन की जांच के लिए टीमें लगातार सक्रिय।
कानपुर देहात, 06 अप्रैल 2026: जनपद में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जिलाधिकारी कपिल सिंह के कड़े रुख के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी के निर्देशन में गठित विशेष टास्कफोर्स ने भोगनीपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम दिवैर में मानकों के उल्लंघन और अवैध मिट्टी खनन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला?
खनिज अनुभाग कानपुर देहात के विभागीय पोर्टल (upminemitra.in) के माध्यम से ग्राम दिवैर (तहसील भोगनीपुर) में साधारण मिट्टी खनन के लिए श्रीमती प्रेमाकुमारी के पक्ष में अनुज्ञा (Permit) स्वीकृत की गई थी। यह अनुमति 12 फरवरी 2026 से 12 अप्रैल 2026 तक के लिए 9000 घनमीटर मिट्टी निकासी हेतु दी गई थी।
जांच में खुली पोल: 5000 घनमीटर से ज्यादा का अवैध खनन
राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त जांच टीम ने जब 29 मार्च 2026 को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:
- स्वीकृत मात्रा: 9000 घनमीटर
- वास्तविक खनन: 14,207.73 घनमीटर
- अवैध खनन की मात्रा: 5,208 घनमीटर (स्वीकृत सीमा से अधिक)
जांच में यह भी पाया गया कि खनन के लिए निर्धारित गहराई के मानकों की भी धज्जियां उड़ाई गई थीं। कई स्थानों पर मिट्टी की खुदाई तय मानक से कहीं अधिक गहराई तक की गई थी।
3.10 लाख रुपये का भारी अर्थदंड
स्वीकृत मात्रा से अधिक मिट्टी की निकासी और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अनुज्ञाधारक पर कुल 3,10,400.00 रुपये (तीन लाख दस हजार चार सौ) का अर्थदंड आरोपित किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति हुई, तो लाइसेंस निरस्त कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व प्राप्ति में कानपुर देहात ने बनाया रिकॉर्ड
जिलाधिकारी के कुशल प्रबंधन का ही असर है कि जनपद में खनिज विभाग के राजस्व में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:
- वित्तीय वर्ष 2025-26 (मार्च तक): ₹4,261 लाख राजस्व प्राप्त हुआ।
- विगत वर्ष 2024-25 (मार्च तक): ₹3,639 लाख राजस्व प्राप्त हुआ था।
- कुल वृद्धि: पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ₹632 लाख अधिक राजस्व सरकारी खजाने में जमा हुआ है।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जनपद में अवैध खनन या परिवहन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। गठित टास्कफोर्स की टीमें निरंतर क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं और सतर्क दृष्टि बनाए हुए हैं।


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