प्रयागराज: 10 अप्रैल से बंद होगा हाईकोर्ट पानी टंकी का 100 साल पुराना पुल, अब जर्जर ढांचे को तोड़कर बनेगा नया शानदार आरओबी - NINE ONE TIMES

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08/04/2026

प्रयागराज: 10 अप्रैल से बंद होगा हाईकोर्ट पानी टंकी का 100 साल पुराना पुल, अब जर्जर ढांचे को तोड़कर बनेगा नया शानदार आरओबी

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100 साल पुराने ऐतिहासिक पुल का सफर होगा समाप्त

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प्रयागराज।

ALERT खबर के मुख्य बिंदु (News Highlights):

  • बड़ी खबर: हाईकोर्ट पानी टंकी का 100 साल पुराना पुल 10 अप्रैल 2026 से पूरी तरह बंद।
  • नया निर्माण: जर्जर पुल को तोड़कर उसी जगह आधुनिक ROB बनाया जाएगा।
  • डेडलाइन: नया पुल साल 2028 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद।
  • रूट डायवर्जन: पुराने पुल का सारा ट्रैफिक अब बगल में बने नए पुल से गुजरेगा।
  • जाम का अंदेशा: पुल टूटने के कारण लीडर रोड और खुसरो बाग की तरफ लग सकता है भीषण जाम।

संगम नगरी प्रयागराज की लाइफलाइन कहे जाने वाले रास्तों में से एक, हाईकोर्ट पानी की टंकी के पास स्थित पुराने पुल पर अब हमेशा के लिए पहिए थमने जा रहे हैं। जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने निर्णय लिया है कि आगामी 10 अप्रैल 2026 से इस पुराने पुल को आवागमन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस पुल को ध्वस्त कर इसके स्थान पर एक आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जाएगा।

100 साल पुराने पुल का सफर होगा समाप्त

​हाईकोर्ट पानी टंकी से लीडर रोड और खुसरो बाग चौराहे को जोड़ने वाला यह पुल लगभग 100 वर्ष पुराना है। ब्रिटिश काल में बने इस पुल ने प्रयागराज के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है। दशकों तक यह शहर के मुख्य यातायात का केंद्र रहा, लेकिन समय के साथ इसकी ईंटें और लोहे के गाडर कमजोर पड़ने लगे। अब सुरक्षा की दृष्टि से इसे हटाना अनिवार्य हो गया है।

लखनऊ की टेक्निकल टीम ने घोषित किया था 'अति-जर्जर'

​पुल की जर्जर हालत को देखते हुए कुछ समय पूर्व लखनऊ से एक विशेष टेक्निकल टीम ने इसका स्थलीय निरीक्षण किया था। टीम की रिपोर्ट में इस पुल पर आवागमन को 'अत्यंत खतरनाक' बताया गया था। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इस पर भारी वाहनों की एंट्री काफी समय पहले ही बंद कर दी थी। वर्तमान में इस पुल का उपयोग केवल दोपहिया वाहन, साइकिल सवार और पैदल यात्री ही कर रहे थे, लेकिन अब 10 अप्रैल से उनके लिए भी रास्ते बंद हो जाएंगे।

कुंभ के कारण टली थी तोड़फोड़, अब मिली हरी झंडी

​बता दें कि इस पुल को तोड़ने की योजना पहले ही बन चुकी थी, लेकिन हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए इसे टाल दिया गया था। अब जबकि कुंभ सकुशल संपन्न हो चुका है और नए पुल के निर्माण की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, सेतु निगम ने जर्जर ढांचे को गिराने की तैयारी शुरू कर दी है।

यातायात के लिए नया पुल बनेगा एकमात्र सहारा

​पुराने पुल के बंद होने के बाद हाईकोर्ट से लीडर रोड की ओर जाने वाले वाहनों का पूरा दबाव बगल में बने नए पुल पर आ जाएगा। चूंकि नया पुल ही अब आवागमन का एकमात्र जरिया होगा, ऐसे में स्थानीय निवासियों और हाईकोर्ट आने वाले अधिवक्ताओं व वादकारियों को भीषण जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यातायात पुलिस द्वारा इसके लिए विशेष डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जा रहा है।

2028 तक संगम नगरी को मिलेगा नया आधुनिक आरओबी

​उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड (UPSBC) इस नए पुल का निर्माण करेगा। योजना के अनुसार, रेलवे ट्रैक के ऊपर का हिस्सा रेलवे विभाग द्वारा तैयार किया जाएगा, जबकि एप्रोच रोड का काम सेतु निगम संभालेगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो वर्ष 2028 तक यह नया शानदार आरओबी बनकर तैयार हो जाएगा। यह नया पुल न केवल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर चौड़ा बनाया जाएगा, बल्कि इसकी भार वहन क्षमता भी आधुनिक मानकों के अनुरूप होगी।


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