पूर्व सांसद वारसी ने अधिकारियों को लगाई फटकार
कानपुर देहात: शिवली में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों का हत्या का आरोप, भारी हंगामा
(Highlights)
- शिवली के बागपुर गांव में 26 वर्षीय रंजीत का शव पेड़ से लटका मिला।
- ओवरटेक को लेकर हुए विवाद के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया।
- शिवली-कल्याणपुर मार्ग पर घंटों हंगामा, महिला सिपाही के साथ धक्का-मुक्की।
- मंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने प्रशासन को घेरा।
कानपुर देहात (शिवली): जिले के शिवली थाना क्षेत्र के बागपुर गांव में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घर से महज कुछ दूरी पर 26 वर्षीय कंटेनर ड्राइवर, मंजीत का शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला। रंजीत के परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और शिवली-कल्याणपुर मार्ग को जाम कर दिया। हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री प्रतिभा शुक्ला अपने पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के साथ मौके पर पहुंच गईं। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की बहन काजल ने बताया कि उसका भाई, मंजीत, कंटेनर चलाता था। गुरुवार को जब वह कंटेनर लेकर घर आ रहा था, तब मामूली खराबी के कारण उसे ठीक करा रहा था। इसी दौरान एक ऑरा गाड़ी सवार युवकों के साथ ओवरटेक को लेकर उसका विवाद हो गया। विवाद मारपीट तक पहुंच गया और पुलिस दोनों पक्षों को चौकी ले गई। बहन काजल का आरोप है कि पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर उन्हें छोड़ दिया, लेकिन आज सुबह उसके भाई का शव पेड़ पर लटका मिला। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस विवाद के बाद लापरवाही बरती, जिसके कारण मंजीत की हत्या कर दी गई।
जाम और हंगामे में पुलिस-महिला सिपाही के बीच धक्का-मुक्की
मंजीत का शव मिलने की जानकारी होने पर परिजनों ने आक्रोशित होकर शिवली-कल्याणपुर रोड जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें एक महिला सिपाही के साथ मारपीट की बात भी सामने आई है। स्थिति बिगड़ती देख कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। परिजनों ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
मंत्री और पूर्व सांसद का मौके पर दौरा, पूर्व सांसद का पुलिस-प्रशासन पर गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला अपने पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के साथ मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मिलकर हालात का जायजा लिया। इस दौरान पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भारी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि "एक दिन हम भी मर जाएंगे, किसी तरह से क्या फर्क पड़ता है, तुम जाकर गुड्डन सिंह के यहां गुलगुले खाना, सांसद देवेंद्र सिंह भोले सिंह के यहां तेरहवीं खाना, यह जिला है और जिले के कप्तान की यह जिम्मेदारी है कि जैसे ही इस तरह की कोई वारदात होती है, उससे पहले यहां पहुंचा जाना चाहिए था।" वारसी ने कहा कि इस तरह की गंभीर घटनाओं में प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचना चाहिए था और ऐसी लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
पुलिस की सफाई और जांच
घटना को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पांडे ने बताया कि कल शाम 4 बजे शिवली थाना क्षेत्र अंतर्गत जानकारी मिली कि दो पक्षों में गाड़ी के ओवरटेक को लेकर झगड़ा हो रहा है। इसके बाद दोनों पक्षों को चौकी लाया गया और समझौता कराकर छोड़ दिया गया, जो चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी दिखाई दे रहा है। पुलिस को आज सुबह सूचना मिली कि मंजीत का शव पेड़ से लटका हुआ मिला है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
[बाइट-मृतक की बहन काजल]
"मेरे भाई का गाड़ी ठीक करने के दौरान विवाद हुआ था। पुलिस ने समझौता करा दिया था, लेकिन आज सुबह उसका शव पेड़ पर लटका मिला। हम चाहते हैं कि उसकी हत्या करने वालों को सज़ा मिले।"
[बाइट-राजेश पांडे (अपर पुलिस अधीक्षक)]
"कल शाम को विवाद की सूचना मिली थी, दोनों पक्षों को चौकी लाया गया और समझौता कराकर छोड़ दिया गया। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है। आज सुबह शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।"


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