समाज कल्याण विभाग ने बदला नियम: आधार की जन्मतिथि अब मान्य नहीं, आवेदन के साथ लगानी होगी परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाण पत्र
पेंशन अलर्ट
नियमों में हुए मुख्य बदलाव:
- आधार कार्ड बाहर: आयु निर्धारण के लिए अब आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि मान्य नहीं होगी।
- अनिवार्य दस्तावेज: आवेदन के साथ परिवार/कुटुम्ब रजिस्टर की नकल या मार्कशीट देना जरूरी।
- सख्त जांच: बिना इन दस्तावेजों के एसडीएम (SDM) और बीडीओ (BDO) आवेदन आगे नहीं बढ़ाएंगे।
- वापसी: अधूरे दस्तावेजों वाले आवेदन पत्र आवेदकों को वापस कर दिए जाएंगे।
पेंशन अलर्ट नियमों में हुए मुख्य बदलाव:
- आधार कार्ड बाहर: आयु निर्धारण के लिए अब आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि मान्य नहीं होगी।
- अनिवार्य दस्तावेज: आवेदन के साथ परिवार/कुटुम्ब रजिस्टर की नकल या मार्कशीट देना जरूरी।
- सख्त जांच: बिना इन दस्तावेजों के एसडीएम (SDM) और बीडीओ (BDO) आवेदन आगे नहीं बढ़ाएंगे।
- वापसी: अधूरे दस्तावेजों वाले आवेदन पत्र आवेदकों को वापस कर दिए जाएंगे।
कानपुर नगर। राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों और नए आवेदकों के लिए उत्तर प्रदेश शासन ने नियमों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब पेंशन के लिए आवेदन करते समय उम्र के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर ने शासन से प्राप्त नए निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि आयु निर्धारण की प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आधार कार्ड अब मान्य नहीं, ये दस्तावेज होंगे जरूरी
समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी नए शासनादेश के अनुसार, पूर्व में लागू नियमों में आंशिक संशोधन किया गया है। अब आवेदक की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है, इसकी पुष्टि के लिए आधार कार्ड पर भरोसा नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, आवेदकों को नीचे दिए गए दो दस्तावेजों में से कोई एक अनिवार्य रूप से देना होगा:
- परिवार या कुटुम्ब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति (नकल)।
- शैक्षिक योग्यता से संबंधित प्रमाण पत्र (मार्कशीट या सर्टिफिकेट), जिसमें जन्मतिथि स्पष्ट रूप से अंकित हो।
अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उपजिलाधिकारी (SDM) और खंड विकास अधिकारी (BDO) के स्तर पर भी जांच कड़ी कर दी गई है। अधिकारी केवल उन्हीं आवेदन पत्रों को आगे बढ़ाएंगे (अग्रसारित करेंगे), जिनमें ये नए अनिवार्य दस्तावेज संलग्न होंगे। समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रतीक्षा सूची में शामिल आवेदकों का भी पुनः परीक्षण किया जा रहा है।
अधूरे आवेदन होंगे वापस
विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि किसी आवेदक ने केवल आधार कार्ड के आधार पर आवेदन किया है और उपरोक्त दो में से कोई दस्तावेज नहीं लगाया है, तो उसका आवेदन निरस्त या वापस कर दिया जाएगा। ऐसे आवेदकों को पुनः सही अभिलेखों के साथ आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाएगा।
यह निर्णय भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के बीच हुए पत्राचार के बाद लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य पेंशन योजना में पारदर्शिता लाना और सही पात्रों तक लाभ पहुँचाना है।


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