CSJMU में कृषि और फूड टेक्नोलॉजी के नए सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
प्रवेश संबंधी मुख्य जानकारी (Highlights):
- प्रमुख पाठ्यक्रम: एमएससी कृषि, बीएससी फूड साइंस और एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट (MBA-ABM) में प्रवेश का मौका।
- सीटें और फीस: एमएससी कृषि के लिए 10 सीटें (फीस ₹51,200) और बीएससी फूड साइंस के लिए 40 सीटें (फीस ₹41,200) निर्धारित।
- रोजगार पर जोर: आधुनिक कृषि तकनीक, खाद्य संरक्षण और मार्केटिंग प्रबंधन में विद्यार्थियों को बनाया जाएगा दक्ष।
कानपुर।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विभिन्न रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रबंधन कौशल और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के क्षेत्र में विशेषज्ञ बनाना है।
एमएससी कृषि और बीएससी फूड साइंस: सीटें और शुल्क विवरण
विश्वविद्यालय द्वारा संचालित एमएससी कृषि (मृदा विज्ञान) और एमएससी कृषि (पादप रोग विज्ञान) में प्रवेश के लिए प्रति पाठ्यक्रम 10-10 सीटें निर्धारित की गई हैं। दो वर्षीय इन पाठ्यक्रमों का वार्षिक शुल्क 51,200 रुपये रखा गया है। वहीं, बीएससी (ऑनर्स) फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के चार वर्षीय पाठ्यक्रम में 40 सीटें उपलब्ध हैं, जिसकी वार्षिक फीस 41,200 रुपये है।
एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट (MBA-ABM) में कैरियर बनाने का सुनहरा मौका
कृषि आधारित व्यवसाय और मार्केटिंग में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट (MBA-ABM) एक बेहतरीन विकल्प है। इस दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 40 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, जिसकी वार्षिक फीस 71,200 रुपये निर्धारित है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को सप्लाई चेन प्रबंधन, वित्त और कृषि मार्केटिंग का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योग्यता के आधार पर होगा चयन, ऑनलाइन करें आवेदन
स्कूल ऑफ एडवांस एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. हिमांशु त्रिवेदी ने बताया कि वर्तमान में कृषि क्षेत्र में विशेषज्ञों की भारी मांग है। उन्होंने कहा कि ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को वैज्ञानिक रूप से सक्षम बनाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, एमएससी एग्रोनॉमी और हॉर्टिकल्चर जैसे अन्य कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं।


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