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- जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है। तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं
कानपुर। राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण एवं शक्ति ब्रिगेड के संयुक्त तत्वाधान में कानपुर एडविल्स प्रा लि में कोरोना से बचाव का प्रशिक्षण कोरोना सचेतक डा सोनिया दमेले नेत्र सर्जन, लखन शुक्ला मुख्य प्रशिक्षक आपदा प्रबंधन आंशी शुक्ला मनु बाजपेई द्वारा दी गई। लखन शुक्ला ने बताया कोरोना से बचाव हेतु यह भी आवश्यक है। कि सार्वजनिक स्थान पर न थूके इससे भी इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना वायरस यानी 'कोविड 19' से बचने के लिए आप नियमित रूप से अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोएं.जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है। तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं। संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं। और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.इसके लिए मास्क से या साफ कपड़े से अपनी नाँक व मुँह को ढके सोशल डिस्टेंसिंग बनाये अपरिचत व्यक्ति से सम्पर्क सोच समझ कर ही करे सब्जी व फल ढक कर रखे इन्हे खरीदने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह से साफ करे फैक्ट्री में प्रवेश से पूर्व हाथो की सफाई थर्मल स्किर्निंग सोशल डिस्टेंसिंग आवश्यक है डा सोनिया दमेले नेत्र सर्जन ने बताया इस समय कोरोना काल चल रहा है हमे अपनी आँखो का भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस अवसर पर मनोज गुप्ता मैनेजिंग डारेक्टर मनोज शर्मा महाप्रबन्धक मृदुलेन्द्र सिंह प्रवेश तिवारी अभिषेक मिश्रा प्रदीप वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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