एक दर्जन से अधिक करोड़पति कारोबारी भूमिगत विकास के रुपयों से करते थे कारोबार - NINE ONE TIMES

निर्भीक आवाज़, निष्पक्ष खबर

Breaking

10/08/2020

एक दर्जन से अधिक करोड़पति कारोबारी भूमिगत विकास के रुपयों से करते थे कारोबार



  • विकास से सीधे अपराध के लिए जुड़े थे और उसके कहने पर कुछ भी करने को तैयार रहते थे, तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग हैं जो विकास के रुपयों से बड़ा कारोबार करते थे और उसके बदले विकास को ब्याज मिलती थी।

    कानपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों को मौत की नींद सुलाने वाला मुख्य आरोपित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे भले ही एसटीएफ की मुठभेड़ में मारा गया हो पर अभी भी उसका 100 करोड़ से अधिक रुपया शहर में कारोबार कर रहा है। करीब एक दर्जन ऐसे करोड़पति हैं जो उसके रुपये से बड़ा कारोबार कर रहे हैं, जिसकी भनक आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, एसआईटी और न्यायिक आयोग को लग चुकी है। ऐसे में यह सभी करोड़पति इन दिनों भूमिगत हो गये हैं और बचने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जुगाड़ फिट कर रहे हैं, हालांकि इनमें से एक विकास का मुख्य खजांची जय बाजपेयी पकड़ में आ चुका है और वह जेल में बंद है।


    चौबेपुर के बिकरु कांड में मुख्य आरोपित विकास दुबे सहित छह नामजद आरोपी इनकाउंटर में मारे जा चुके हैं, जिससे गैंग के बचे हुए नामजद लोगों में इनकांउटर का जबरदस्त खौफ है। इसी के चलते बचे हुए लोग बराबर सरेंडर कर रहे हैं और बाहर रहकर अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह वह लोग हैं जो विकास से सीधे अपराध के लिए जुड़े थे और उसके कहने पर कुछ भी करने को तैयार रहते थे, तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे लोग हैं जो विकास के रुपयों से बड़ा कारोबार करते थे और उसके बदले विकास को ब्याज मिलती थी। इस कार्य में मुख्य भूमिका विकास के खजांची जय बाजपेयी की होती थी जो इन दिनों जेल में बंद हैं।

    शहर में लगा है 100 करोड़ से अधिक रुपया

    सूत्रों का कहना है कि विकास दुबे का 100 करोड़ से अधिक रुपया शहर में लगा हुआ है। यह सभी रुपया जय बाजपेयी के जरिये दिया गया है। बताया जा रहा है कि जय बाजपेयी दो फीसदी ब्याज पर रुपया लेकर पांच फीसदी में कारोबारियों को देता था। इसकी भनक आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, एसआईटी और न्यायिक आयोग को भी लग गयी है और सभी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। ऐसे में करीब एक दर्जन से अधिक करोड़पति कारोबारी भूमिगत हो गये हैं और बचने के लिए जुगाड़ फिट कर रहे हैं। बताते चलें कि सौरभ भदौरिया ने आयकर के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय में भी शिकायत दर्ज कराई है। इसमें सौरभ ने जय से जुड़े 12 लोगों के आय के स्रोत खंगालने का आग्रह किया है।


    होटल से लेकर अस्पतालों में लगा है रुपया

    कुख्यात विकास दुबे को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है तमाम नए तथ्य सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि शहर के करीब दर्जन से अधिक कारोबारी विकास से रुपया लेकर कारोबार कर रहे हैं। यह रुपया अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट और बारातघरों पर लगा है और इन सभी का माध्यम जय बाजपेयी है। यह भी तथ्य सामने आये हैं कि करीब 25 करोड़ रुपया खुद जय बाजपेयी कारोबार के लिए विकास से लिये था।

    यहां पर लगा है रुपया

    बताया जा रहा है कि जय बाजपेयी पी रोड, गुमटी, नेहरू नगर, जवाहर नगर और अशोक नगर में व्यापारियों को करोड़ों रुपये ब्याज पर बांट रखा है। शहर के आर्यनगर विधानसभा सीट से एक राष्ट्रीय पार्टी से चुनाव लड़ चुके एक नेता ने भी विकास से रुपया लेकर जीटी रोड पर होटल खोला है। इसी तरह विकास के एक पशु व्यापारी के संबंध भी जय बाजपेयी के जरिए हुए थे। कुछ सालों पहले दो हजार की नौकरी करने वाले इस व्यक्ति के पास पत्रकारपुरम में अपना गेस्ट हाउस है और कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। कल्याणपुर-पनकी रोड और लखनऊ कानपुर रोड पर दो व्यावसायिक निर्माण में भी विकास का पैसा लगा है। कल्याणपुर-पनकी रोड पर स्थित कई अस्पतालों में उसकी पत्ती थी। कल्याणपुर-पनकी रोड, शिवली रोड, बिल्हौर, श्यामनगर, काकादेव, चकेरी, सनिगवां, महाराजपुर और यशोदानगर में एक राष्ट्रीय पार्टी के यूथ विंग से जुड़े कुछ नेताओं के नाम से विकास ने करोड़ों की जमीन खरीदी थी। बिठूर, सिंहपुर से सटे इलाकों में फार्म हाउस से लेकर भूमि खरीद-फरोख्त में भी विकास का पैसा लगा है।



No comments:

Post a Comment

Featured Post

कानपुर सुसाइड: "पापा जीते, मैं हारा"... 5वीं मंजिल से कूदने से पहले वकील का दर्दनाक लेटर; 'परवरिश' या 'प्रताड़ना'?

NINE ONE TIMES बच्चों को उतना टॉर्चर करें, जितना बर्दाश्त हो"— मरने से पहले प्रियांशु ने माता-पिता के नाम छोड़ा रुला देने वाला संदेश ...

खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages