58 केन्द्रों पर हो रही बीएड प्रवेश परीक्षा में सभी प्रोटोकाॅल निर्देशों का कठोरता से कराया पालन - NINE ONE TIMES

निर्भीक आवाज़, निष्पक्ष खबर

Breaking

10/08/2020

58 केन्द्रों पर हो रही बीएड प्रवेश परीक्षा में सभी प्रोटोकाॅल निर्देशों का कठोरता से कराया पालन



  • जनपद में भी 58 परीक्षा केन्द्र बनाये गये और निर्धारित समय नौ बजे से पहले आलाधिकारियों की देखरेख में सभी परीक्षा केन्द्रों को सेनिटाइज कराया गया।


कानपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। कोरोना संक्रमण के चलते बार-बार टल रही बीएड प्रवेश परीक्षा आज जनपद के 58 केन्द्रों पर हो रही है। परीक्षा में कोरोना गाइड लाइन का पूरा पालन किया जा रहा है और परीक्षार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही इंट्री दी गयी। सभी परीक्षार्थियों को दो गज की दूरी पर बैठाया और कोरोना सुरक्षा के लिहाज से अबकी बार तलाशी नहीं ली गयी। इसकी जगह सीसीटीवी कैमरों पर अधिक फोकस किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश की बीएड परीक्षा अमूमन मार्च से लेकर जून तक आयोजित की जाती है और जुलाई से सत्र शुरु हो जाता है, लेकिन अबकी बार इसी बीच कोरोना का संक्रमण काल आ गया। इसको लेकर बार-बार तारीखें बदलती रहीं और आज नौ अगस्त को कोरोना गाइड लाइन के अनुसार परीक्षा का आयोजन किया गया। जनपद में भी 58 परीक्षा केन्द्र बनाये गये और निर्धारित समय नौ बजे से पहले आलाधिकारियों की देखरेख में सभी परीक्षा केन्द्रों को सेनिटाइज कराया गया। इसके बाद थर्मल स्क्रीनिंग कर परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। अबकी बार तलाशी किसी भी परीक्षार्थी की कोरोना सुरक्षा के चलते नहीं ली गयी। परीक्षा को पारदर्शी कराने के लिए अधिकारी बराबर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कर रहे हैं और करीब 31 हजार परीक्षार्थियों को सभी सेंटरों पर दो गज की दूरी पर बैठाया गया। दो पालियों में होने वाली परीक्षा सुबह 9ः00 बजे से शुरू हुई जो 12ः00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2ः00 बजे से 5ः00 बजे तक की है। जिलाधिकारी डा. बीआरडी तिवारी ने बताया कि इस प्रवेश परीक्षा में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग रखा गया है। सुबह परीक्षार्थियों की एंट्री के समय परीक्षा केंद्रों में सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई थी। सभी परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें एंट्री दी गई। परीक्षा केंद्रों में कोविड हेल्प डेस्क बनाई गई है। यहां परीक्षार्थियों का पहले तापमान मापा गया, इसके बाद उनके हाथों को सैनिटाइज किया गया। बिना मास्क के किसी को भी परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। भीड़ एकत्र न हो इसलिए लगातार माइक से एलाउंस कर अनुक्रमांक नंबर के हिसाब से उसे परीक्षा केंद्र में उसका कक्ष बताया गया।


No comments:

Post a Comment

Featured Post

कानपुर सुसाइड: "पापा जीते, मैं हारा"... 5वीं मंजिल से कूदने से पहले वकील का दर्दनाक लेटर; 'परवरिश' या 'प्रताड़ना'?

NINE ONE TIMES बच्चों को उतना टॉर्चर करें, जितना बर्दाश्त हो"— मरने से पहले प्रियांशु ने माता-पिता के नाम छोड़ा रुला देने वाला संदेश ...

खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages