- 4 साल की तैयारी करनी होंगी होगी जिससे बेहतर अध्यापकों तैयार हो सकेंगे दूसरा जो नाइ शिक्षा प्रणाली है एक होलिस्टिक शिक्षा देने की बात की है और जो स्ट्रीम डिविज़न थे उनको सरकार ने खत्म कर दिया है
शिक्षा नीति 2020 में बदलाव के साथ साथ बीएड प्रोग्राम में बड़े बदलाव की बात कही गई है जिसमे नयी शिक्षा नीति के अनुसार जल्द ही शिक्षको के लिए राष्ट्रीय स्तर का मानक तैयार होगा बीएड प्रोग्राम की नीति में बदलाव के बाद शिक्षा विशेषज्ञ उत्तर प्रदेश की स्टेट जोनल कॉर्डिनेटर अमिता बाजपई ने ई टी वी भारत से बातचीत में बताया कि बीएड में जो बदलाव आया है वो ये है कि अब इंटरमीडिएट के बच्चे बीएड की तैयारी कर पाएंगे और 4 साल की तैयारी करनी होंगी होगी जिससे बेहतर अध्यापकों तैयार हो सकेंगे दूसरा जो नाइ शिक्षा प्रणाली है एक होलिस्टिक शिक्षा देने की बात की है और जो स्ट्रीम डिविज़न थे उनको सरकार ने खत्म कर दिया है जिससे एक तरह से मल्टी डिसेप्नरी शुरू हो गया है तो इसको देखते हुए लगता है जो नए नियम है पालिसी में केवल प्रोविजन है लेकिन मुझे लगता है जब सरकार ncte करिकुलम बनाएगी तो इस बात का ध्यान रखना होगा कि जो नए टीचर हमे मिलेंगे जो काफी अनुभवी होंगे और सरकार ने जो दो साल वाला बीएड है व्व अभी लागू रखा है एक साल बीएड की भी सुरवात की जा रही है जो पोस्ट ग्रेजुएक्शन के बाद होगा जिससे गुडवत्ता को बढ़ाने के लिए जो अध्यापक की खूबी की जो नियुक्ति है उसको अभी और शक्ति से करने की बात की है ।और अब अद्यापक को पड़ा कर दिखाना होगा अभी तक सिर्फ नंबरो के आधार पर शिक्षको की नियुक्ति होती थी अगर पोलिश की बात की जाए तो पालिसी तो ठीक हैं लेकिन उसको पृरी तरह से कैसे लागू कर पाते है क्योंकि जिस तरह की हम शिक्षा चाह रहे है तो nct को ncrt के साथ मिलकर एक नई योजना बनाएंगे और जो इंटिटूशन है उनको अपना इंस्फेक्टर सुधारना पड़ेगा तभी हम अच्छे टीचर प्राप्त कर सकेंगे।
- नई शिक्षा नीति-2020 में शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों की बात कही गई है. इस शिक्षा नीति में दिया गया है कि अब आने वाले कुछ सालों में शिक्षा की सबसे मजबूत कड़ी अध्यापक को सबसे मजबूत बनाया जाएगा. इसके लिए बीएड प्रोग्राम में बड़े बदलाव की बात कही गई है. जानिए नई नीति में शिक्षकों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए क्या प्रावधान किए जाएंगे

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