- संजीत अपराहन कांड के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी लॉयन आर्डर प्रशांत कुमार ने पहले ही आदेश जारी कर दिया था कि अगर कोई भी ।गुमसुदगी की शिकायत उत्तर प्रदेश के किसी भी थाने में आती है तो उसको गंभीरता से लेते हुए थाने के प्रभारी निरीक्षक उस पर कार्यवाही की करे
राजधानी लखनऊ के विभूतिखण्ड थाने की पुलिस का सराहनीय कार्य घर में डांटे जाने से नाराज होकर 16 वर्षिय यस को एक घंटे में ढूंढ कर उसके पिता के सुपुर्द किया बआपको बता दे कि गोमतीनगर विभूति खण्ड के रहने वाले निर्मल सिंह जो को पेसे से रजिस्टार आफिस में कार्यरत है उन्होंने अपने 16 शाल के बेटे यश को पढ़ाई को लेकर डाट दिया था और वह घर छोड़ कर चला गया था ।
काफी देर घर वालो के ढूंढने के बाद जब वह नही मिला तो यस के पिता ने इसकी सूचना डायल 112 नंबर पर दी और विभूतिखण्ड थाने में गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई वही इस घटना की जानकारी के बाद एसीपी विभूतिखण्ड स्वतंत्र सिंह और डीसीपी ईस्ट के नेतृत्व में विभूतिखण्ड इंस्पेक्टर संजय शुक्ला के साथ उनकी टीम और पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय द्वारा पालिगन टीम ने एक घंटे के अंदर 16 वर्षीय यश को ढूंढ कर उसके पिता के हवाले कर दिया गया।
कानपुर के संजीत अपराहन कांड के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी लॉयन आर्डर प्रशांत कुमार ने पहले ही आदेश जारी कर दिया था कि अगर कोई भी ।गुमसुदगी की शिकायत उत्तर प्रदेश के किसी भी थाने में आती है तो उसको गंभीरता से लेते हुए थाने के प्रभारी निरीक्षक उस पर कार्यवाही की करे जिसके बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस गुमसुदगी के किसी भी मामले को अनदेखा नही कर रही है ।

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