चिनहट हॉस्पिटल इलाज के दौरान मरीज की मौत परिजनों ने किया हंगामा - NINE ONE TIMES

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02/08/2020

चिनहट हॉस्पिटल इलाज के दौरान मरीज की मौत परिजनों ने किया हंगामा

     



  • परिजनों का आरोप है कि  हॉस्पिटल संचालक का पूरा भुगतान करने के बाद भी हॉस्पिटल संचालक और पैसे की मांग कर रहे है जिसके चलते हॉस्पिटल संचालक और कर्मचारियों ने धर्मेंद्र का शव देने से मना कर रहे है


राजधानी लखनऊ के फैजाबाद रोड स्थित चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में  इलाज के दौरान मरीज की मौत हो जाने पर परिजनों ने हॉस्पिटल मेंकिया हंगामा ।ताजा मामला लखनऊ के चिनहट हॉस्पिटल का  है जहाँ दो दिन पहले बाराबांकी ग्राम लम्बवा के रहने वाले 25 वर्षीय धर्मेंद्र पांडेय को हेड इंजरी हो जाने के चलते लखनऊ फैजाबाद रोड पर चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था था जहाँ इलाज के दौरान धर्मेंद की मौत हो गई ।


धर्मेंद की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने हंगामा करना चालू कर दिया वही परिजनों का आरोप है कि  हॉस्पिटल संचालक का पूरा भुगतान करने के बाद भी हॉस्पिटल संचालक और पैसे की मांग कर रहे है जिसके चलते हॉस्पिटल संचालक और कर्मचारियों ने धर्मेंद्र का शव देने से मना कर रहे है । जिसके बाद मृतक के परिजनों ने इसकी सूचना चिनहट थाने पर दी मौके पर पहुची चिनहट थाना की पुलिस ने परिजनों द्वारा कर रहे हंगामे को शांत कराया और शव को अपने कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो भी जो भी रिपोर्ट आएगी उस आधार पर कार्यवाही की जाएगी वही परिजनों ने हॉस्पिटल संचालक पर अवेध रूप से हॉस्पिटल चलाकर धन उगाही का आरोप लगाया है और परिजनों ने मांग की है कि हॉस्पिटल संचालक पर कार्यवाही की जाए



  • तीमारदारों का आरोप था कि निजी अस्पताल ने इलाज के नाम पर सवा दो लाख रुपये वसूले। मौत के बाद तीन लाख रुपये बकाया होने पर शव नहीं दे रहे थे।

  • पुलिस ने निजी अस्पताल से शव दिलवाकर तीमारदारों को सीतापुर रवाना किया। सीतापुर के रामपुर मथुरा निवासी अनिल सिंह के बेटे  शिवा सिंह (14) को सांस लेने में तकलीफ थी। 17 अप्रैल को उसे जिला चिकित्सालय से ट्रॉमा रेफर किया गया।

  • 18 अप्रैल की सुबह तीमारदार बच्चे को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध बता भर्ती नहीं किया। निजी एंबुलेंस चालक ने बेहतर इलाज का झांसा देकर चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करा दिया। 

  • किशोर के चचेरे भाई सरवन सिंह का आरोप है कि निजी अस्पताल ने इलाज के नाम पर सवा दो लाख रुपये वसूल लिए। बुधवार देर शाम किशोर की मौत हो गई। बकाया तीन लाख का बिल भुगतान करने के बाद ही शव देने की बात कही।

  • करीब 16 घंटे बीत गए और मॉर्च्युरी में रखे शव से बदबू उठने पर तीमारदारों ने सुबह करीब 10 बजे हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस ने निजी अस्पताल संचालक से शव परिजनों को दिलवाया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल की शिकायत मुख्यमंत्री व सीएमओ से करेंगे। 


 


 


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